January 10, 2026
Himachal

धर्मशाला में दिव्यांग महिला से बलात्कार के आरोप में युवक को 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई।

A young man was sentenced to 20 years in prison for raping a disabled woman in Dharamshala.

धर्मशाला की एक जिला एवं सत्र न्यायालय ने एक दिव्यांग महिला का यौन उत्पीड़न करने और उसे गर्भवती करने के आरोप में एक युवक को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने उस पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है और जुर्माना न भरने की स्थिति में एक वर्ष का साधारण कारावास अतिरिक्त होगा।

निर्णायक वैज्ञानिक साक्ष्यों, चिकित्सा रिपोर्टों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया गया। यह मामला 4 अप्रैल, 2022 को सामने आया, जब धर्मशाला पुलिस को एक अस्पताल से सूचना मिली कि एक अविवाहित दिव्यांग महिला को गर्भावस्था के दौरान भर्ती कराया गया है। जांच के दौरान पता चला कि पीड़िता लगभग आठ महीने की गर्भवती थी।

अपनी मानसिक स्थिति के कारण वह बयान देने में असमर्थ थी। हालांकि, उसके परिवार के सदस्यों ने यौन शोषण का संदेह जताया, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की। बाद में किए गए एक मनोचिकित्सीय मूल्यांकन ने पुष्टि की कि महिला 75 प्रतिशत दिव्यांग थी, जिससे अभियोजन पक्ष के इस दावे को बल मिला कि वह सहमति देने में असमर्थ थी।

21 मई 2022 को पीड़िता ने एक लड़के को जन्म दिया। इसके बाद पुलिस ने नवजात शिशु, पीड़िता और आरोपी के डीएनए नमूने एकत्र किए। धर्मशाला स्थित क्षेत्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (आरएफएसएल) की डीएनए विश्लेषण रिपोर्ट से यह स्पष्ट रूप से साबित हो गया कि आरोपी ही बच्चे का जैविक पिता है। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि यह अपराध अत्यंत गंभीर है और इसमें एक ऐसी महिला का शोषण शामिल है जो अपनी रक्षा करने में असमर्थ थी।

Leave feedback about this

  • Service