रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) की एक गोपनीय रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत स्थित एक आपराधिक गिरोह का जेल में बंद सरगना लॉरेंस बिश्नोई भारत में सलाखों के पीछे से जबरन वसूली, मादक पदार्थों की तस्करी और हत्या के लिए सुपारी लेकर किए जाने वाले कृत्यों का निर्देशन कर रहा है।
ग्लोबल न्यूज द्वारा प्राप्त और रिपोर्ट किए गए दस्तावेज़ में आरोप लगाया गया है कि बिश्नोई गिरोह न केवल कनाडा में अपनी हिंसक गतिविधियों का विस्तार कर रहा है, बल्कि सिख अलगाववादियों और अन्य कथित खतरों को निशाना बनाने के लिए “भारतीय सरकार की ओर से भी काम कर रहा है” । यह गोपनीय रिपोर्ट एक कनाडाई मीडिया आउटलेट तक ऐसे समय पहुंची है जब भारत और कनाडा व्यापार वार्ता फिर से शुरू करने वाले हैं।
लॉरेंस फिलहाल गुजरात की साबरमती जेल में बंद है। बुधवार को जारी ग्लोबल न्यूज के दावों पर भारतीय सरकार, गुजरात जेल विभाग या भारतीय उच्चायोग ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
कनाडा ने पहली बार 15 अक्टूबर, 2024 को लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के साथ मिलीभगत करने के लिए भारतीय एजेंटों पर सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया। रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) ने दावा किया कि उनके पास व्यापक आपराधिक गतिविधियों के बारे में “महत्वपूर्ण जानकारी” है, जिन्हें कथित तौर पर भारत सरकार के एजेंटों द्वारा बिश्नोई नेटवर्क के समन्वय से अंजाम दिया गया था।
भारत ने इन आरोपों को “बेतुका और राजनीतिक रूप से प्रेरित” बताते हुए दृढ़ता से खारिज कर दिया और जवाब में छह कनाडाई राजनयिकों को निष्कासित कर दिया और ओटावा से अपने राजदूत को वापस बुला लिया।
रिपोर्ट के अनुसार, बिश्नोई 2015 से भारत में जेल में बंद है, लेकिन “कथित तौर पर जेल में रहते हुए भी उसने अपना संगठन चलाना जारी रखा है।” वह गोल्डी ब्रार (असली नाम सतिंदरजीत सिंह) जैसे सहयोगियों के साथ समन्वय स्थापित करके भारत, उत्तरी अमेरिका, यूरोप और अन्य जगहों पर फैले लगभग 700 सदस्यों के नेटवर्क की देखरेख करता है। कनाडा में इस गिरोह की मौजूदगी कई जबरन वसूली की योजनाओं और गोलीबारी की घटनाओं से जुड़ी हुई है। आरसीएमपी ने नोट किया है कि यह गिरोह मनी लॉन्ड्रिंग और सुपारी लेकर हत्या जैसे आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए हिंसा का इस्तेमाल करता है।
आरोपों में भारतीय एजेंटों के साथ प्रत्यक्ष मिलीभगत का भी जिक्र है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारतीय सरकारी अधिकारियों ने खालिस्तान समर्थक नेताओं पर हमले करवाने के लिए बिश्नोई सिंडिकेट जैसे समूहों का इस्तेमाल किया है। रिपोर्ट में जिन विशिष्ट घटनाओं का उल्लेख किया गया है, उनमें 2023 में ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या और विन्निपेग में सुखदूल सिंह की हत्या शामिल हैं, जिन्हें भारत ने आतंकवादी करार दिया था। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कथित तौर पर इंटरसेप्ट किए गए संचार से निज्जर की हत्या में वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों की भूमिका सामने आई है, जिससे कनाडा और भारत के बीच राजनयिक तनाव बढ़ गया है।


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