शुक्रवार को उपायुक्त उत्तम सिंह ने असंध अनाज मंडी का निरीक्षण कर गेहूं खरीद व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि खरीद प्रक्रिया के दौरान किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और इस बात पर जोर दिया कि पूरी प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बरती जानी चाहिए।
मीडियाकर्मियों से बात करते हुए सिंह ने बताया कि असंध मंडी में शुक्रवार से गेहूं की खरीद औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। उन्होंने इस सीजन में सरकार द्वारा किए गए बदलावों पर प्रकाश डाला, जिनमें मंडी गेट पर बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य करना और सुरक्षा एवं पारदर्शिता बढ़ाने के लिए निकास द्वार पर कैमरे लगाना शामिल है। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि बोरियों की कोई कमी नहीं होगी।
डीसी ने किसानों से अपील की कि वे अपनी उपज को ठीक से सुखाने और साफ करने के बाद ही पंजीकृत ट्रैक्टरों में भरकर मंडियों में लाएं।
सिंह ने निर्देश दिया कि मंडी परिसर में स्वच्छता, पीने का पानी और सार्वजनिक शौचालयों के रखरखाव जैसी उचित सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
विशेष परिस्थितियों में, जैसे कि पंजीकृत ट्रैक्टर न होने पर, किसानों को संबंधित एसडीएम से पूर्व अनुमति लेनी होगी। उन्होंने कहा कि पर्याप्त बायोमेट्रिक मशीनें और काउंटर लगाए जा चुके हैं और आवश्यकता पड़ने पर और भी लगाए जाएंगे।
इसी बीच, असंध विधायक योगेंद्र राणा ने असंध और जुंडला की अनाज मंडियों का निरीक्षण किया और गेहूं खरीद की तैयारियों की समीक्षा की। राणा ने अधिकारियों और कर्मचारियों को खरीद के दौरान सतर्क रहने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि किसानों को अपनी उपज बेचने में कोई बाधा न आए। उन्होंने किसानों के खातों में समय पर भुगतान पर जोर दिया और गेट पास जारी करने में किसी भी तरह की लापरवाही के खिलाफ चेतावनी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2,585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।


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