हिमाचल प्रदेश के कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार ने गुरुवार को कहा कि कांगड़ा जिले के धगवार में बन रहा अत्याधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और राज्य भर के दुग्ध किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
धर्मशाला में उपायुक्त कार्यालय में आयोजित एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने निर्माणाधीन दूध प्रसंस्करण संयंत्र की प्रगति का आकलन किया और इसके समय पर चालू होने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे की स्थिति की समीक्षा की।
कुमार ने कहा कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे हो जाएं, यह सुनिश्चित करने के लिए परियोजना की नियमित रूप से समीक्षा की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को सिविल कार्यों, बिजली और जल आपूर्ति अवसंरचना को पूरा करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने विभागों से संयंत्र की वास्तविक बिजली और पानी की आवश्यकताओं का विस्तृत आकलन तैयार करने को भी कहा।
मंत्री जी ने कहा कि धगवार दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र की प्रारंभिक प्रसंस्करण क्षमता प्रतिदिन 1.5 लाख लीटर होगी, जिसे बाद में बढ़ाकर प्रतिदिन 3 लाख लीटर तक किया जा सकता है। एक बार चालू होने के बाद, इस संयंत्र से कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर, मंडी और ऊना जिलों के 35,000 से अधिक दुग्ध उत्पादकों को बेहतर विपणन अवसर और दूध उत्पादन पर बेहतर लाभ प्राप्त होने से प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलने की उम्मीद है।
इस परियोजना से परिवहन, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन और रखरखाव सेवाओं के माध्यम से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की भी उम्मीद है। कुमार ने बताया कि राज्य सरकार इस परियोजना के लिए पूर्ण वित्तपोषण कर रही है और नवंबर 2026 तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
इस बैठक में मिल्क फेडरेशन के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर, कांगड़ा के उपायुक्त हेमराज बैरवा, मिल्क फेडरेशन के प्रबंध निदेशक अभिषेक वर्मा, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के अधिकारी और विभिन्न सरकारी विभागों और कार्यान्वयन एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

