पंजाब में पिछले महीने हुए जिला परिषद चुनावों में आम आदमी पार्टी को कुल वोटों का 38.16 प्रतिशत प्राप्त हुआ, जबकि कांग्रेस को 27.14 प्रतिशत और शिरोमणि अकाली दल को 22.52 प्रतिशत वोट मिले।
जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों में डाले गए वोटों के सांख्यिकीय आंकड़ों के आधार पर मतदान हिस्सेदारी की गणना की गई है, जिन्हें अब पंजाब राज्य चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। भाजपा को अपने पहले ग्रामीण चुनाव में 6.39 प्रतिशत वोट मिले, जबकि बसपा को 1.46 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए।
भाजपा और एसएडी का संयुक्त वोट शेयर कांग्रेस से थोड़ा अधिक था। दोनों राजनीतिक दलों के बीच गठबंधन की चर्चाओं के मद्देनजर यह आंकड़ा महत्वपूर्ण है।
चूंकि इन चुनावों को आगामी विधानसभा चुनावों की पूर्वसूचना माना जाता है, इसलिए ये आंकड़े प्रत्येक राजनीतिक दल की स्थिति का सटीक आकलन करने में सहायक होंगे। इससे जनमत सर्वेक्षणकर्ताओं को ग्रामीण मतदाताओं की मनोदशा का आकलन करने और तदनुसार 2027 में होने वाले महत्वपूर्ण चुनावी मुकाबले के लिए रणनीति बनाने में मदद मिलेगी।
आंकड़ों के अनुसार, 58.09 लाख वोट योग्य पाए गए जबकि 2,11,857 वोट रद्द कर दिए गए। इनमें से आम आदमी पार्टी (AAP) को 22.17 लाख वोट, कांग्रेस को 15.77 लाख, SAD को 13.08 लाख, भाजपा को 3.71 लाख, बसपा को 85,059 वोट मिले, जबकि निर्दलीय उम्मीदवारों को 2.14 लाख वोट मिले।
पंचायत समिति चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) ने 37.66 प्रतिशत वोट हासिल करके अपनी बढ़त बरकरार रखी, जबकि कांग्रेस को 27.74 प्रतिशत, एसएडी को 20.33 प्रतिशत और भाजपा को 6.41 प्रतिशत वोट मिले। 21.33 लाख से अधिक मतदाताओं ने AAP को, 15.71 लाख ने कांग्रेस को, 11.51 लाख ने एसएडी को, 3.63 लाख ने भाजपा को, 75,052 ने बसपा को, 1,008 ने सीपीआई को और 3.37 लाख ने निर्दलीय उम्मीदवारों को वोट दिया। कुल मिलाकर 56.63 लाख योग्य वोट डाले गए, जबकि 1.92 लाख वोट रद्द कर दिए गए।

