शिमला के उपायुक्त (डीसी) अनुपम कश्यप ने बुधवार को कहा कि जिले में आपदाओं से प्रभावित पेयजल योजनाओं की बहाली और मरम्मत के लिए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के माध्यम से प्रति योजना 2 लाख रुपये की राशि जारी की जाएगी। उन्होंने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को क्षतिग्रस्त योजनाओं के लिए प्रस्ताव तैयार करने और अन्य आवश्यक दस्तावेजों के साथ उन्हें अपने कार्यालय में जमा करने का निर्देश दिया।
कश्यप जल जीवन मिशन के अंतर्गत आयोजित जिला स्तरीय जल एवं स्वच्छता अभियान की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक के दौरान कश्यप ने कहा कि केवल उन्हीं पेयजल योजनाओं के लिए धनराशि स्वीकृत की जाएगी जिनकी क्षति रिपोर्ट राजस्व विभाग द्वारा आधिकारिक रूप से दर्ज की गई हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भविष्य में किसी भी पेयजल योजना को क्षति होने की स्थिति में संबंधित पटवारी को तुरंत सूचित किया जाए ताकि क्षति को आधिकारिक रूप से दर्ज किया जा सके और सभी आवश्यक दस्तावेज बिना किसी देरी के पूरे किए जा सकें।
कश्यप ने विभाग के फील्ड अधिकारियों को क्षतिग्रस्त योजनाओं की मरम्मत के लिए जल्द से जल्द प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी अनिवार्य दस्तावेज संलग्न होने पर प्रस्ताव प्राप्त होने के तीन दिनों के भीतर बजट जारी कर दिया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि जिले में जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत 264 परियोजनाओं में से 203 परियोजनाओं पर काम पूरा हो चुका है। वहीं, हर घर जल गांव योजना के तहत जिले के 2,536 गांवों में से 1,699 गांवों को प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं, जबकि 837 गांवों की प्रक्रिया अभी लंबित है।
अधिकारियों के अनुसार, जिले में जल सेवा आंकालान के अंतर्गत महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। जिले के कुल 2,536 गांवों में से 2,422 गांवों में जल सेवा आकलन का कार्य पूरा हो चुका है, जिससे जिले की प्रगति 95.50 प्रतिशत तक पहुंच गई है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और फील्ड टीमों को निर्देश दिया कि वे शेष कार्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करें और जिले के सभी गांवों में आकलन का 100% लक्ष्य सुनिश्चित करें तथा अंतिम रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करें।

