हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू), शिमला ने बुधवार को प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को दिए जाने वाले खेल प्रोत्साहनों में वृद्धि की घोषणा की।
संशोधित नीति के अनुसार, अखिल भारतीय अंतर-विश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं में व्यक्तिगत स्पर्धाओं में प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को क्रमशः 40,000 रुपये, 25,000 रुपये, 18,000 रुपये और 12,000 रुपये का प्रोत्साहन मिलेगा, और टीम स्पर्धाओं के लिए क्रमशः 20,000 रुपये, 15,000 रुपये, 12,000 रुपये और 8,000 रुपये का प्रोत्साहन मिलेगा।
इसी प्रकार, उत्तर क्षेत्र अंतर-विश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं के व्यक्तिगत स्पर्धाओं में प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को क्रमशः 15,000 रुपये, 12,000 रुपये, 10,000 रुपये और 6,000 रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा, जबकि टीम स्पर्धाओं में यह राशि क्रमशः 12,000 रुपये, 10,000 रुपये, 8,000 रुपये और 5,000 रुपये होगी।
इसके अलावा, विश्वविद्यालय ने विभिन्न श्रेणियों के खिलाड़ियों के लिए प्रोत्साहन राशि को 4,000 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये कर दिया है। एचपीयू के कुलपति प्रोफेसर महावीर सिंह ने विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा एवं युवा मामलों के निदेशालय द्वारा आयोजित सातवें वार्षिक खेल पुरस्कार समारोह और खेल एवं पाठ्येतर गतिविधियों की परिषद की 54वीं वार्षिक आम बैठक के दौरान यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा, उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलेगी और विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ेगा।
कुलपति ने आगे कहा कि एक ऐसा वातावरण बनाने की आवश्यकता है जहां प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी क्षमताओं को निखारने के भरपूर अवसर मिलें। उन्होंने कहा, “खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करके विश्वविद्यालय का नाम रोशन कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में छात्रों को उत्कृष्ट अवसर प्रदान करना है, ताकि उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।”
पुरस्कार विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कुलपति ने विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय के खिलाड़ी खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय, राज्य और देश का नाम रोशन करेंगे। इससे पहले, प्रोफेसर संजय शर्मा ने खेल एवं पाठ्येतर गतिविधियों की परिषद की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की।

