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शराब को तय दाम से अधिक पर बेचने वालों के खिलाफ हो कार्रवाई : पवन कल्याण

Action should be taken against those selling liquor above the prescribed price: Pawan Kalyan

आंध्र प्रदेश के उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण ने मंगलवार को आबकारी अधिकारियों को शराब की दुकानों पर लगातार निगरानी रखने और ज्यादा कीमतों पर शराब बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उप मुख्यमंत्री को शिकायतें मिलीं कि पूरे राज्य में शराब अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से ज्यादा कीमतों पर बेची जा रही है। उन्होंने शराब की दुकानों से कहा कि वे ज्यादा कीमतों पर शराब बेचकर सरकार का नाम खराब न करें।

उप मुख्यमंत्री के एक बयान के अनुसार, काकीनाडा जिले और राज्य के अन्य हिस्सों से शिकायतें आ रही हैं। शिकायतों की जांच करने के बाद, उन्होंने कहा कि शराब को ज्यादा कीमतों पर बेचना नियमों के खिलाफ है। इससे सरकार की बदनामी भी होती है। दुकानदारों को शराब बिक्री से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए।

विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी अवैध शराब बिक्री को लेकर गठबंधन सरकार पर निशाना साध रही है। इसके नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार खुलेआम नियमों के उल्लंघन की इजाजत दे रही है। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी नेताओं के अनुसार, दुकानदार ज्यादा कीमतों पर शराब बेच रहे हैं।

बता दें कि राज्य कैबिनेट ने पिछले महीने सभी साइज की भारत में बनी विदेशी शराब ब्रांड और विदेशी शराब की अधिकतम खुदरा कीमत में प्रति बोतल 10 रुपए की बढ़ोतरी करने का फैसला किया था, जबकि बार पर लगाए गए अतिरिक्त खुदरा उत्पाद शुल्क को वापस ले लिया था।

यह घोषणा की गई थी कि प्रति बोतल 10 रुपए की बढ़ोतरी सस्ती शराब (180 एमएल बोतल जिसकी कीमत 99 रुपए है), बीयर, वाइन और रेडी-टू-ड्रिंक वैरायटी पर लागू नहीं होगी। कैबिनेट ने भारत में बनी विदेशी शराब ब्रांड और विदेशी ब्रांड पर खुदरा विक्रेता को एमआरपी का लगभग 1 प्रतिशत बढ़ाने का भी फैसला किया है, जिसमें 180 एमएल भारत में बनी विदेशी शराब ब्रांड की बोतलें, बीयर, वाइन और रेडी-टू-ड्रिंक शामिल हैं।

कीमतों में बढ़ोतरी से राज्य को सालाना लगभग 1,391 करोड़ रुपए का अतिरिक्त रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है। साथ ही, अतिरिक्त रिटेल एक्साइज टैक्स हटाने से बार पर सालाना लगभग 340 करोड़ रुपए का वित्तीय बोझ कम होगा।

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