अभिनेत्री अदा शर्मा हेल्थ को लेकर जागरूक रहती हैं और उनका मानना है कि फिजिकल के साथ ही मेंटल हेल्थ पर भी ध्यान देना जरूरी है। आमतौर पर इसे नजरअंदाज कर दिया जाता है, जिसके परिणाम बेहद खराब होते हैं। अदा का मानना है कि दिमाग को भी वर्कआउट की जरूरत पड़ती है। कुछ वर्कआउट को वह खुद पर भी लागू करती हैं।
मेंटल हेल्थ आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में एक बड़ा मुद्दा बन चुका है। तनाव, चिंता और डिप्रेशन जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। विशेषज्ञ भी कहते हैं कि दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए ध्यान, योग, पजल्स और ब्रेन एक्सरसाइज बहुत फायदेमंद हैं।
अदा शर्मा ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से खास बातचीत में मेंटल हेल्थ के महत्व पर खुलकर चर्चा की। आज के व्यस्त जीवन में जहां लोग जिम जाकर शरीर को फिट रखने पर जोर देते हैं, वहीं अदा ने जोर दिया कि दिमाग की सेहत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अच्छी सेहत के लिए सिर्फ फिजिकल हेल्थ ही नहीं, बल्कि मेंटल हेल्थ भी उतनी ही जरूरी है।
अदा शर्मा ने बताया, “निश्चित रूप से हेल्थ एक बहुत महत्वपूर्ण चीज है। अगर हेल्थ अच्छी नहीं है तो आप काम ही नहीं कर पाएंगे। लेकिन यह समझना जरूरी है कि सिर्फ फिजिकल हेल्थ ही जरूरी नहीं है। फिजिकल हेल्थ अच्छी रखने के लिए आपकी मेंटल हेल्थ मजबूत होना भी बहुत आवश्यक है। हालांकि, आमतौर पर लोग केवल फिजिकल हेल्थ पर फोकस करते हैं। मुझे लगता है कि जितना आप फिजिकल हेल्थ पर ध्यान देते हैं, उतना ही आपको मेंटल हेल्थ पर भी ध्यान देना चाहिए। दिमाग को वर्कआउट की जरूरत पड़ती है।”
उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर किए हेल्थ पोस्ट का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने वहां कई ब्रेन टीजर्स पोस्ट किए हैं, जो दिमाग के लिए चुनौतीपूर्ण और फायदेमंद हैं। अदा ने एक हाथ से धीरे-धीरे और दूसरे हाथ से तेजी से थपथपाने वाले वीडियो का उदाहरण दिया। इसी तरह, एक हाथ से गोल घुमाना और दूसरे हाथ से चौकोर आकार बनाना। ये व्यायाम ब्रेन के लेफ्ट और राइट दोनों हिस्सों को सक्रिय करते हैं।
अभिनेत्री का मानना है कि दिमाग को मजबूत रखना जीवन की सफलता के लिए जरूरी है। सभी को सलाह है कि ब्रेन को नियमित रूप से चुनौती दें, ताकि वह मजबूत बना रहे। कुछ आसान व्यायाम घर पर ही किए जा सकते हैं और इनका कोई खर्च नहीं है।
‘द केरल स्टोरी’ फेम अदा ने इसे सरल भाषा में समझाते हुए कहा, ” शरीर में बाइसेप्स, ट्राइसेप्स, हैमस्ट्रिंग जैसी मसल्स होती हैं। आप हर मांसपेशी पर काम करते हैं। अगर आप सिर्फ बाइसेप्स बनाएंगे और हैमस्ट्रिंग कमजोर रहेगी, तो हैमस्ट्रिंग में चोट लग गई तो बाइसेप्स की ताकत का कोई फायदा नहीं होगा। इसी तरह, आपको अपने ब्रेन पर भी काम करना चाहिए।”

