June 24, 2026
National

अदाणी ग्रुप ने वित्त वर्ष 26 में हार्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर में 1.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक का किया निवेश

Adani Group invested over ₹1.5 lakh crore in hard infrastructure in the 2025-26 fiscal year.

अदाणी ग्रुप ने वित्त वर्ष 26 में हार्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर में रिकॉर्ड 1.5 लाख करोड़ रुपए से भी अधिक का निवेश किया है। यह बयान बुधवार को अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने दिया। 34वीं एनुअल जनरल मीटिंग (एजीएम) 2026 में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए गौतम अदाणी ने बताया कि यह वित्त वर्ष 26 में निजी क्षेत्र के द्वारा किए गए कुल नए निवेश का 30 प्रतिशत से अधिक था।

गौतम अदाणी ने कहा, “हमारे लिए यह सिर्फ एक फाइनेंशियल आंकड़ा नहीं है, बल्कि भरोसे का एक सबूत है। देश के निर्माण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का इससे बड़ा कोई सबूत नहीं हो सकता कि हम उस इंफ्रास्ट्रक्चर में किस बड़े पैमाने पर निवेश कर रहे हैं जो भारत के अगले अध्याय को आगे बढ़ाएगा।”

शेयरहोल्डर्स को संबोधित करते हुए गौतम अदाणी ने आगे कहा कि किसी ग्रुप के इतिहास में कुछ साल ऐसे होते हैं जो सिर्फ माइलस्टोन से कहीं ज्यादा अहमियत रखते हैं। ये साल निर्णायक साबित होते हैं और आपके पक्के इरादे और मुश्किलों का सामना करने की ताकत को साबित करते हैं। ये साल उन लोगों के बीच का फर्क दिखाते हैं जो साफ तस्वीर का इंतजार करते हैं और जो उतार-चढ़ाव के बीच भी आगे बढ़ते हुए निर्माण करते हैं।

अदाणी ग्रुप के लिए वित्त वर्ष 2025-26 ऐसा ही एक साल था।

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन ने कहा, “यह ऐसा साल था जिसमें दुनिया और ज्यादा बंटी हुई नजर आई। एनर्जी सिक्योरिटी के जटिल मॉडल राष्ट्रीय रणनीति के केंद्र में लौट आए और टेक्नोलॉजी देश की संप्रभुता का अटूट हिस्सा बन गई। हालांकि, इन चुनौतियों के बावजूद, आपका अदाणी ग्रुप एक अटूट विश्वास पर टिका रहा कि भारत का भविष्य इंतजार नहीं कर सकता।”

गौतम अदाणी ने कहा, “यह तरक्की हमारे लिए आसान हालात में नहीं हुई। यह बहुत अधिक जांच-पड़ताल के बीच हुई। फिर भी, हम झुके नहीं। हम रुके नहीं, क्योंकि हमारी पहचान इससे नहीं बनती कि हमारे आस-पास कितना शोर है, बल्कि इससे बनती है कि हम उस पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं। चुनौती कितनी बड़ी है, इससे नहीं, बल्कि हमारे मकसद की स्पष्टता से। आलोचना से नहीं, बल्कि राष्ट्र-निर्माण से, जिसमें हम गहराई से विश्वास करते हैं।”

इस विश्वास का एक उदाहरण इस साल की शुरुआत में आया 25,000 करोड़ रुपए का राइट्स इश्यू था।

गौतम अदाणी ने आगे कहा, “यह सिर्फ पूंजी जुटाने का एक इवेंट नहीं था। मैंने इसे हमारी विश्वसनीयता पर एक जनमत संग्रह के तौर पर देखा। यह भारत की कॉर्पोरेट दुनिया के इतिहास के सबसे बड़े राइट्स इश्यू में से एक था, और आपकी प्रतिक्रिया बहुत साफ थी। ऐसे समय में जब कुछ लोगों ने शक पैदा करने की कोशिश की, आपने पूरे भरोसे के साथ जवाब दिया, आपने भागीदारी के साथ प्रतिक्रिया दी, और आपने हमें भारत के निर्माण में मदद जारी रखने का जनादेश दिया।”

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