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सोनू सूद के बाद राजपाल की मदद के लिए आगे आए इंद्रजीत सिंह, 1.11 करोड़ की दी आर्थिक सहायता

After Sonu Sood, Indrajit Singh came forward to help Rajpal and provided financial assistance of Rs 1.11 crore.

11 फरवरी । अभिनेता राजपाल यादव के चेक बाउंस मामले को लेकर कई सितारे उनकी मदद के लिए आगे आए हैं। अभिनेता सोनू सूद, राजनेता तेजप्रताप यादव के बाद अब म्यूजिक प्रोड्यूसर और जेम ट्यून्स म्यूजिक के मालिक राव इंद्रजीत सिंह यादव ने उन्हें 1.11 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दी है।

राजपाल यादव ‘भूल भुलैया’, ‘हंगामा’ समेत कई सफल फिल्मों में अपनी कॉमेडी और यादगार भूमिकाओं के साथ दर्शकों का मनोरंजन कर चुके हैं। उनकी ऑन-स्क्रीन सफलता के बावजूद, पर्सनल लाइफ में उन्हें गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

इंद्रजीत सिंह यादव ने इस मदद पर कहा, “राजपाल ने दर्शकों को बहुत खुशी दी है और भारतीय सिनेमा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। यह सपोर्ट सिर्फ पैसे का नहीं, बल्कि जरूरत के समय किसी साथी इंसान के साथ खड़े होने का है। हमारी इंडस्ट्री एक परिवार है और परिवार मुश्किल वक्त में साथ देता है।”

उन्होंने इंस्टाग्राम पर किए एक पोस्ट में कहा, सोशल मीडिया के माध्यम से हमें राजपाल यादव की पीड़ा और वेदना के बारे में जानकारी मिली। यह जानकर मन व्यथित हुआ। राजपाल यादव न सिर्फ एक महान कलाकार हैं, बल्कि एक अच्छे इंसान भी हैं। ऐसे कठिन और दुखद समय में हम सभी का कर्तव्य बनता है कि हम मानवता के नाते उनके और उनके परिवार के साथ खड़े हों। मैं, जेम ट्यून्स फैमिली की ओर से, राजपाल भाई को एक करोड़ ग्यारह लाख रुपए की सहायता प्रदान कर रहा हूं।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं समस्त भारतवासियों से भी अपील करता हूं कि इस दुख की घड़ी में आगे आकर उनकी यथासंभव सहायता करें और उनके परिवार को संबल दें।”

मामला साल 2010 का है, जब राजपाल यादव और उनकी पत्नी ने अपनी डायरेक्टोरियल फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए दिल्ली की एक कंपनी से लगभग 5 करोड़ रुपए का लोन लिया था। फिल्म फ्लॉप होने के बाद लोन चुकाने में दिक्कत हुई। कर्ज के बदले जारी कई चेक बाउंस हो गए, जिसके कारण नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ।

ब्याज और पेनल्टी के साथ बकाया राशि बढ़कर करीब 9 करोड़ रुपए हो गई। दिल्ली हाईकोर्ट ने कई बार डेडलाइन बढ़ाई और एक्सटेंशन दिए, लेकिन राजपाल यादव बार-बार भुगतान में असफल रहे। हाल ही में कोर्ट ने कोई और राहत देने से इनकार करते हुए उन्हें छह महीने की सजा काटने के लिए तिहाड़ जेल में सरेंडर करने का आदेश दिया।

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