हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि युवा पीढ़ी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर कौशल, रोजगार के अवसर और जीवन में प्रगति के लिए आवश्यक सुविधाएं प्राप्त हों।
सोमवार को कैथल स्थित सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में आयोजित जिला स्तरीय रोजगार मेले में राणा ने संबोधित किया। उन्होंने मेले में भाग लेने वाली दो दर्जन कंपनियों के प्रतिनिधियों से बातचीत की और उनकी भर्ती एवं चयन प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों के अनुसार, जिला स्तरीय रोजगार मेले में विभिन्न कंपनियों द्वारा 450 छात्रों का चयन किया गया और मंत्री ने चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।
राणा ने कहा कि सभी क्षेत्रों में कौशल विकास पर जोर दिया जा रहा है ताकि युवा अपने कौशल को रोजगार के अवसरों में बदल सकें। उन्होंने यह भी कहा कि प्रौद्योगिकी के उपयोग से कृषि को भी अधिक रोजगारोन्मुखी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य हरियाणा के युवाओं को बदलती प्रौद्योगिकी के साथ तालमेल बिठाने और विकसित भारत के सपने में योगदान देने के लिए तैयार करना है। राज्य में हरियाणा कौशल विकास मिशन के माध्यम से कौशल विकास की एक स्थापित व्यवस्था मौजूद है।
राणा ने कहा कि हरियाणा अपने लोगों की कड़ी मेहनत, साहस और प्रतिभा के लिए जाना जाता है, और उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं ने शिक्षा, खेल, सशस्त्र बलों, कृषि, उद्योग और अन्य क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा, “शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। इससे युवा पीढ़ी को ज्ञान, कौशल, आत्मविश्वास और अलग तरह से सोचने की क्षमता मिलनी चाहिए।”
रोजगार के बदलते परिदृश्य का जिक्र करते हुए राणा ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल प्रौद्योगिकी, विज्ञान, स्टार्टअप और अन्य उभरते क्षेत्र नए अवसर पैदा कर रहे हैं। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे अपनी पढ़ाई को गंभीरता से लें, अपनी क्षमताओं को पहचानें, नई तकनीकों को सीखें और समर्पण के साथ अपने लक्ष्यों की ओर काम करें। उन्होंने छात्रों से नशे से दूर रहने की भी अपील की।
राणा ने कहा कि हरियाणा कौशल विकास मिशन विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि राज्य के युवा न केवल रोजगार प्राप्त करें बल्कि रोजगार सृजनकर्ता बनने की क्षमता भी विकसित करें।
कृषि के बारे में बात करते हुए राणा ने कहा कि प्रौद्योगिकी कृषि क्षेत्र में रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर खोल सकती है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं से आग्रह किया कि वे कृषि को केवल एक पारंपरिक व्यवसाय के रूप में नहीं, बल्कि आधुनिक व्यवसायों और उद्यमिता के अवसरों से भरपूर क्षेत्र के रूप में भी देखें।

