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पिता बनने के बाद बदली अली फजल की दुनिया, बोले- ‘बेटी ने जिंदगी और सिनेमा को देखने का नजरिया बदल दिया’

Ali Fazal's world changed after becoming a father, saying, "Daughter changed my perspective on life and cinema."

बॉलीवुड अभिनेता अली फजल अपनी शानदार एक्टिंग और अलग तरह के किरदारों के लिए जाने जाते हैं। वह अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में रहते हैं। हाल ही में अभिनेता शेखर सुमन के शो ‘शेखर टुनाइट’ में पहुंचे, जहां उन्होंने पिता बनने के बाद अपनी जिंदगी में आए बदलावों के बारे में खुलकर बात की। शो के प्रोमो में अली फजल कहते हुए दिख रहे हैं कि बेटी के जन्म के बाद उनकी सोच, भावनाएं और दुनिया को देखने का नजरिया पूरी तरह बदल गया है।

शो के दौरान शेखर सुमन ने जब अली फजल से पूछा कि उनकी जिंदगी कैसी चल रही है, तो उन्होंने कहा, ”पिता बनने के बाद जिंदगी पूरी तरह बदल चुकी है। फादरहुड एक ऐसा अनुभव है, जिसे शब्दों में पूरी तरह बयान नहीं किया जा सकता। लोग इसके बारे में कितनी भी बात करें, लेकिन जब तक कोई खुद इस एहसास को महसूस नहीं करता, तब तक इसकी असली गहराई समझ नहीं आती। यह दुनिया का सबसे सच्चा एहसास है।”

अली फजल ने आगे कहा, ”पिता बनने के बाद अब मैं दुनिया को पहले की तरह नहीं देखता। अब मेरी सोच में एक नई संवेदनशीलता आ गई है। मेरी बेटी ने मुझे छोटी-छोटी चीजों की अहमियत समझाई है। जब भी मैं अपनी बेटी को देखता हूं, तो मुझे जिंदगी का एक नया रूप दिखाई देता है।” अली ने एक उदाहरण देते हुए कहा, “अगर किसी कमरे में कोई बच्चा खेल रहा हो, तो वहां मौजूद सभी लोगों का ध्यान अपने आप उसी बच्चे की तरफ चला जाता है।

यह बात मैंने हमेशा महसूस की है, और अब पिता बनने के बाद मैं इसे और गहराई से समझ पाया हूं।” बातचीत के दौरान अली फजल ने बच्चों और सिनेमा के बीच एक खूबसूरत तुलना भी की। उन्होंने कहा, ”बच्चों का व्यवहार बिल्कुल सिनेमा की एडिटिंग जैसा होता है। बच्चे एक पल में कुछ और सोच रहे होते हैं और अगले ही पल उनकी दुनिया बदल जाती है। जैसे फिल्म में एक कट के बाद पूरा सीन बदल जाता है, वैसे ही बच्चे भी हर पल नए भाव और नई ऊर्जा के साथ सामने आते हैं।”

अली ने कहा, ”अपनी बेटी को देखकर मुझे एहसास हुआ कि यही असली फोकस और असली सिनेमा है, क्योंकि बच्चों की दुनिया पूरी तरह अप्रत्याशित होती है।” अभिनेता ने आगे कहा, ”बच्चों की अपनी एक अलग दुनिया होती है। उनका अपना संगीत होता है, अपनी लय होती है और अपनी एनर्जी होती है। कभी वे बेहद शांत और प्यारे लगते हैं, तो कभी बहुत शोर मचाते हैं, लेकिन यही उनकी सबसे बड़ी खूबसूरती है। अब मैं सिनेमा को भी पहले से ज्यादा भावनात्मक नजरिए से देखने लगा हूं।” –

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