May 19, 2026
National

बंगाल में इमामों-पुरोहितों को भत्ता खत्म, भाजपा नेता श्रीनिवास बोले- प्रो-माइनॉरिटी राजनीति का अंत

Allowances to imams and priests abolished in Bengal, BJP leader Srinivas said – end of pro-minority politics

पश्चिम बंगाल में इमामों और पुरोहितों को दिए जाने वाले भत्तों को समाप्त करने का ऐलान किया गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया। सरकार के इस फैसले पर अब सियासत तेज हो गई है। हैदराबाद से भाजपा नेता टीआर श्रीनिवास ने इस फैसले को सकारात्मक कदम बताते हुए पश्चिम बंगाल की पिछली सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से खास बातचीत में टीआर श्रीनिवास ने कहा कि बंगाल में इमामों और पुरोहितों के लिए दिए जाने वाले पैसे को बंद किया गया है। यह सीएम शुवेंदु अधिकारी द्वारा किया गया बहुत-बहुत पॉजिटिव डेवलपमेंट है। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पिछली अंतरिम बजट में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लिए केवल 155 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे, जबकि इमामों, मदरसों और अल्पसंख्यकों के लिए 5700 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे।

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार का यह फैसला घुसपैठियों और प्रो-माइनॉरिटी राजनीति को बढ़ावा देने की मंशा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि क्या आप इस पर विश्वास कर सकते हैं? यह सब उनकी मंशा को दिखाता था कि वे तथाकथित प्रो-माइनॉरिटी या प्रो-घुसपैठिया ढांचा तैयार करना चाहती थीं, जिन्हें वह भारतीय बताया करती थीं।

कोलकाता के पार्क सर्कस इलाके में हुई पत्थरबाजी की घटना को लेकर सीएम सुवेंदु के बयान पर श्रीनिवास ने कहा कि कश्मीर में पत्थरबाजी खत्म हो गई और पश्चिम बंगाल में भी यह खत्म हो जाएगी। पार्क सर्कस में हुई पत्थरबाजी के संदर्भ में सीएम सुवेंदु का बयान बिल्कुल सटीक है। बात बहुत सीधी है। ममता बनर्जी के 15 साल के अराजक शासन में लोगों की मनमानी चल रही थी, खासकर घुसपैठियों, अवैध रोहिंग्याओं और बांग्लादेशियों की। उन्होंने सड़कों पर कब्जा कर लिया, फुटपाथों पर कब्जा कर लिया, उन्होंने हर चीज पर कब्जा कर लिया और अवैध निर्माण भी किए। यहां तक कि हावड़ा स्टेशन का भी पूरा स्वरूप इस कदर बदल गया था कि उसे पहचानना भी मुश्किल हो गया था। जब सफाई अभियान चलाया गया, तो उन्हें इसकी चुभन महसूस हुई।

सड़कों पर नमाज पढ़ने को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ की टिप्पणी पर भाजपा नेता ने कहा कि सीएम योगी ने बिल्कुल सही कहा है। बकरीद आ रही है और सार्वजनिक सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ी जानी चाहिए, जिससे सड़क जाम हो और दूसरे धर्मों के लोगों को परेशानी हो। वह सही कह रहे हैं, आपके पास बहुत सारी जगहें हैं। मैं मुस्लिम समुदाय से पूछना चाहता हूं कि आपके पास बहुत सारी वक्फ जमीनें हैं, आप उनका इस्तेमाल क्यों नहीं कर रहे हैं? क्या दिक्कत है? क्या समस्या है? क्या आप इसे अपनी ताकत दिखाने के लिए कर रहे हैं? कृपया देश के नियमों का पालन करें।

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