July 18, 2026
National

महाराष्ट्र की सियासत में अटकलों के बीच अनिल पाटिल ने एनडीए में शामिल होने की खबरों को नकारा

Amidst speculation in Maharashtra politics, Anil Patil denied reports of joining the NDA.

महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के एनडीए में शामिल होने की चर्चाओं के बीच एनसीपी विधायक अनिल पाटिल ने इन अटकलों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि जयंत पाटिल की महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और मुख्यमंत्री से मुलाकात को राजनीतिक गठबंधन से जोड़कर देखना सही नहीं है। यह मुलाकात उनके विधानसभा क्षेत्र से जुड़े एक प्रशासनिक मुद्दे को लेकर हुई थी।

अनिल पाटिल ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “जयंत पाटिल दो दिन पहले मुख्यमंत्री से मिले थे और उन्होंने अपने चुनाव क्षेत्र की नगरपालिका से जुड़े एक मामले को लेकर चर्चा की थी। यह विषय शहरी विकास विभाग से जुड़ा हुआ है, इसलिए संभव है कि इसी सिलसिले में उन्होंने उपमुख्यमंत्री से भी मुलाकात की हो। उन्होंने कहा कि इस मुलाकात का कोई राजनीतिक अर्थ निकालना उचित नहीं है।

एनसीपी के शरद पवार गुट के एनडीए में शामिल होने की चर्चाओं पर उन्होंने ने कहा, “पार्टी नेतृत्व की ओर से ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। सुप्रिया सुले ने हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में पार्टी के रुख और विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात स्पष्ट की है। किसी विधायक या सांसद द्वारा किसी बिल का समर्थन करने का मतलब यह नहीं होता कि वह किसी गठबंधन में शामिल हो गया है।”

उन्होंने कहा, “संसद और विधानसभा में कई जनप्रतिनिधि अलग-अलग मुद्दों पर सरकार के फैसलों का समर्थन करते हैं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं निकाला जा सकता कि वे सरकार का हिस्सा बन गए हैं। फिलहाल एनसीपी शरद पवार गुट की ओर से एनडीए में शामिल होने को लेकर कोई बयान नहीं दिया गया है।”

सुनील तटकरे की उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात पर भी पाटिल ने सफाई दी। उन्होंने कहा, “किसी भी सांसद या विधायक का उपमुख्यमंत्री मुख्यमंत्री से मिलना सामान्य प्रक्रिया है। जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र की समस्याओं और विकास कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करते रहते हैं। तटकरे अपने क्षेत्र के मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री से मिले थे और इस मुलाकात की जानकारी उन्होंने खुद पार्टी नेताओं को दी थी।”

पार्थ पवार की मुख्यमंत्री से मुलाकात को लेकर कहा, “आने वाले समय में विधानसभा और संसद के सत्र होने वाले हैं। ऐसे में जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्रों और राजनीतिक मुद्दों को लेकर चर्चा करते रहते हैं। पार्थ पवार भी पार्टी के सांसद हैं और संभव है कि उन्होंने अपने क्षेत्र या आगामी कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा की हो।”

उन्होंने एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष बनने की चर्चाओं पर कहा, “उन्हें भी इस तरह की जानकारी मीडिया के जरिए ही मिल रही है। पार्टी के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष अच्छा काम कर रहे हैं और उन्होंने पूरे राज्य में संगठन को मजबूत किया है। फिलहाल नेतृत्व परिवर्तन को लेकर पार्टी में कोई चर्चा नहीं हुई है। एनसीपी के संविधान के अनुसार प्रदेश अध्यक्ष चुनने की एक प्रक्रिया होती है। पहले तालुका और जिला स्तर पर संगठनात्मक प्रक्रिया पूरी होती है, जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष का चयन किया जाता है। इस प्रक्रिया में समय लगता है और अभी ऐसी कोई स्थिति नहीं है।”

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