अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस द्वारा भंडाफोड़ किए गए पाकिस्तान आईएसआई समर्थित आतंकी मॉड्यूल को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों से कथित तौर पर जोड़ने वाली सोशल मीडिया पोस्टों को लेकर विवाद खड़ा होने के एक दिन बाद, पंजाब सरकार ने शुक्रवार को पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर का तबादला कर दिया।
भुल्लर को पंजाब के पुलिस महानिदेशक के कार्यालय में रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है। डीआईजी बॉर्डर रेंज हरमनबीर सिंह गिल को फिलहाल अमृतसर के पुलिस आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
यह घटनाक्रम भुल्लर द्वारा 4 अगस्त को दिए गए प्रेस सम्मेलन के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सामने आया। पंजाब पुलिस के अनुसार, इन वीडियो में प्रेस सम्मेलन के कुछ हिस्सों को चुनिंदा रूप से संपादित किया गया था और कैप्शन व विज़ुअल का इस तरह से इस्तेमाल किया गया था जिससे यह धारणा बनी कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोग आतंकी संगठनों से जुड़े हुए थे।
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गुरुवार को जारी स्पष्टीकरण में पुलिस ने कहा कि प्रदर्शनकारियों और आतंकी मॉड्यूल के बीच कोई संबंध नहीं है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि भुल्लर ने कहा था कि गिरफ्तार किए गए कुछ लोग जंतर-मंतर गए थे, वहां की रेकी की थी और कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों को पेट्रोल बम से निशाना बनाने की योजना बना रहे थे। हालांकि, उन्होंने यह नहीं कहा था कि आरोपी प्रदर्शनों में शामिल थे या प्रदर्शनकारियों का आतंकी मॉड्यूल से कोई संबंध था।
पुलिस ने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस की ऑडियो और तथ्यात्मक सामग्री को मॉर्फ नहीं किया गया था, लेकिन चुनिंदा काट-छांट और साथ में लगाए गए कैप्शन ने इसके संदर्भ को विकृत कर दिया था। प्रवक्ता ने बताया कि इन पोस्टों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई भी शुरू की जा रही है।

