केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘मिशन वंदे मातरम’ के तहत माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करने वाले महिला माउंट एवरेस्ट अभियान टीम को सैल्यूट किया है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति ने बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) की अजेय ताकत को साबित किया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “नारी शक्ति ने बीएसएफ की अजेय ताकत को साबित किया। बीएसएफ की सभी महिला माउंटेनियरिंग टीम को मेरी हार्दिक बधाई, जिन्होंने माउंट एवरेस्ट पर चढ़कर इतिहास रचा। फोर्स की डायमंड जुबली मनाते हुए उन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर फतह हासिल की और ‘वंदे मातरम’ गाया, जिससे हिम्मत, देशभक्ति और लगन की एक अनोखी मिसाल कायम हुई। टीम के सभी सदस्यों को मेरा सैल्यूट।”
अतुलनीय साहस और दृढ़ संकल्प के साथ दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर चढ़ते हुए बीएसएफ की पहली पूर्ण-महिला माउंट एवरेस्ट अभियान टीम ने इतिहास रचा है। इस महिला टीम ने ‘मिशन वंदे मातरम’ के तहत माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की।
बीएसएफ की इस महिला टीम में लद्दाख की कांस्टेबल कौसर फातिमा, पश्चिम बंगाल की कांस्टेबल मुनमुन घोष, उत्तराखंड की कांस्टेबल रबेका सिंह और कारगिल की कांस्टेबल त्सेरिंग चोरोल शामिल थीं। उन्होंने गुरुवार सुबह 8 बजे माउंट एवरेस्ट (8848.86 मीटर) पर सफलतापूर्वक चढ़ाई पूरी की। यह असाधारण उपलब्धि महिला सशक्तिकरण, राष्ट्रीय गौरव और उत्कृष्टता के प्रति बीएसएफ की अटूट प्रतिबद्धता का एक गर्वपूर्ण प्रतीक है।
बीएसएफ ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “डायमंड जुबली वर्ष का उत्सव मनाते हुए इन ‘महिला सीमा प्रहरियों’ ने ‘वंदे मातरम’ की भावना को दुनिया की सबसे ऊंची चोटी तक पहुंचाया। एक ऐसी ऊंचाई पर, जहां अधिकांश लोगों को ऑक्सीजन सहायता की जरूरत होती है और सीधे खड़े रहना भी एक चुनौती होता है। उन्होंने एक अटूट स्वर में ‘वंदे मातरम’ गाया और इस तरह एक ऐसा ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित किया, जो ‘नारी शक्ति’ की ताकत, जुझारूपन और अदम्य भावना को दर्शाता है।”

