अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के नेता और खदूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह ने गुरुवार को कहा कि बेअदबी के मामलों में आरोपी व्यक्तियों को छोड़कर सभी पंथिक दलों को एकजुट होना चाहिए। गौरतलब है कि अमृतपाल सिंह फिलहाल राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं।
अकाली दल (वारिस पंजाब दे) द्वारा शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के साथ गठबंधन की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए तरसेम सिंह ने कहा कि उनकी एसएडी नेताओं से न तो मुलाकात हुई है और न ही उनसे कोई बातचीत हुई है। उन्होंने मीडियाकर्मियों से कहा, “हमारी उनसे कभी मुलाकात नहीं हुई और न ही कोई बातचीत हुई है। फिर भी, एक नेता ने ऐसा बयान दिया है। पंथ में विश्वास रखने वाली पंथिक पार्टियों में एकता होनी चाहिए, उन लोगों को छोड़कर जिन पर बेअदबी के मामलों में आरोप लगे हैं। हम एकता के लिए ऐसी पार्टियों से संपर्क करने की कोशिश करेंगे।”
तरसेम सिंह ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अमृतपाल को लोकसभा में बोलने से रोक रही है। उन्होंने कहा, “राज्य सरकार को डर है कि अगर अमृतपाल लोकसभा में एक बार भी बोल पड़े तो आगामी चुनावों में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी को अब तक की सबसे बुरी हार का सामना करना पड़ेगा।”
उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब के लापता स्वरूपों की जांच न करने के लिए एसजीपीसी की आलोचना की। उन्होंने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के हालिया बयान की निंदा की और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की।

