राज्य सरकार सहकारी समितियों के हितों की रक्षा करेगी और उनकी समस्याओं को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और केंद्र सरकार के समक्ष प्राथमिकता के आधार पर उठाएगी। यह बात मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू ने मंगलवार को यहां हिमकोफेड द्वारा आयोजित सहकारी समितियों के जिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि सहकारी समितियां ग्रामीण क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर काम करती हैं और आम लोगों से उनका सीधा संबंध होता है। उन्होंने बताया कि ये समितियां अरबों रुपये का कारोबार करती हैं, इसलिए उनकी समस्याओं का समाधान करना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है।
बिट्टू ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई फैसले लिए हैं। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री ने सहकारी समितियों के हितों की रक्षा के लिए भी कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बैंकों द्वारा सहकारी समितियों से लिए जाने वाले उच्च ब्याज दरों के मुद्दे के साथ-साथ अन्य संबंधित मामलों को भी भारतीय रिजर्व बैंक के समक्ष उठाएगी। उन्होंने कहा कि जिले के भीतर सहकारी समितियों के कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का मामला भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा।
बिट्टू ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जिले के लिए कई प्रमुख संस्थानों को मंजूरी दी है, जिनमें एक मेडिकल कॉलेज, डेंटल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, राज्य का पहला संबद्ध स्वास्थ्य कॉलेज, एक समर्पित विज्ञान कॉलेज और एम्स के समकक्ष एक आयुर्वेदिक कॉलेज शामिल हैं।
जिला सहकारी विकास महासंघ के अध्यक्ष यशवीर पटियाल, हिमकोफेड के पूर्व सदस्य आरसी डोगरा और हिमकोफेड के अधिकारी गौरव कुमार और अशोक शर्मा ने भी संगोष्ठी में अपने विचार और सुझाव साझा किए। एपीएमसी के अध्यक्ष अजय शर्मा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेश आनंद और मनोज शर्मा, प्रवेश ठाकुर और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।


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