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राजनाथ सिंह व चीनी रक्षा मंत्री के बीच एक महत्वपूर्ण मुलाकात

An important meeting between Rajnath Singh and the Chinese Defence Minister

28 अप्रैल । किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व चीन के रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जुन के बीच एक महत्वपूर्ण मुलाकात हुई। यह मुलाकात शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों की बैठक के इतर आयोजित की गई।

दोनों देशों के रक्षामंत्रियों ने यहां क्षेत्रीय सुरक्षा और आपसी सहयोग पर चर्चा की। राजनाथ सिंह यहां एससीओ के अन्य सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। वह किर्गिस्तान में रह रहे भारतीय समुदाय से भी मुलाकात करेंगे।

माना जा रहा है कि इस उच्चस्तरीय बातचीत के दौरान दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों ने एशिया की मौजूदा सुरक्षा स्थिति व क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के उपायों पर विचार विमर्श किया। साथ ही भारत-चीन के बीच संवाद को मजबूत करने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।वहीं सीमा क्षेत्रों में बेहतर समन्वय और तनाव कम करने के लिए प्रभावी संचार तंत्र को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया।

चीन के रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जुन से मुलाकात के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि बिश्केक में आयोजित एससीओ रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान एडमिरल डोंग जुन से बातचीत कर खुशी हुई। रक्षा विशेषज्ञों ने इस मुलाकात को सकारात्मक और रचनात्मक बताया है। इससे पहले, राजनाथ सिंह ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक स्थित विक्ट्री स्क्वायर पर पहुंचकर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद स्मारक पर श्रद्धांजलि देते हुए वीर सैनिकों के बलिदान को नमन किया।

राजनाथ सिंह बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन के रक्षा मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए पहुंचे हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग और सदस्य देशों के बीच रक्षा संबंधों को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है। उन्होंने अपने दौरे के दौरान अन्य सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें करने की बात कही है, जिससे आपसी सहयोग को और मजबूत किया जा सके।

गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत और चीन के रिश्ते पिछले कुछ वर्षों में काफी तनावपूर्ण रहे हैं। वर्ष 2020 में पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर दोनों देशों की सेनाओं के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इस घटना के बाद द्विपक्षीय संबंधों में गंभीर गिरावट आई और आपसी विश्वास में कमी देखी गई। हालांकि बीते कुछ वर्षों में संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में कई बड़ी पहल की गई हैं। इसी क्रम में यह मुलाकात भी काफी अहम मानी जा रही है। माना जा रहा है कि इससे संवाद के नए रास्ते खुल सकते हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को बिश्केक पहुंचे थे। यहां वह मंगलवार को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे। बिश्केक पहुंचने पर स्वागत स्थानीय अधिकारियों द्वारा किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की उच्चस्तरीय बैठकों से न केवल क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को बढ़ावा मिलता है, बल्कि भारत और चीन जैसे बड़े देशों के बीच विश्वास बहाली की दिशा में भी सकारात्मक संकेत मिलते हैं। आने वाले समय में इस बातचीत के ठोस परिणाम सामने आने की उम्मीद की जा रही है।

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