12 फरवरी । आंध्र प्रदेश के कथित शराब घोटाले में सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य आरोपी कासिरेड्डी राजशेखर रेड्डी की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी है।
यह मामला लगभग 3200 से 3500 करोड़ रुपए के कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा है, जिसमें शराब नीति में अनियमितताओं और शेल कंपनियों के माध्यम से बड़े पैमाने पर लेन-देन का आरोप है।
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सहित बेंच ने साफ कहा कि यह कोई छोटा-मोटा अपराध नहीं है। इतने बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार बिना नौकरशाहों और राजनेताओं की मिलीभगत के संभव नहीं हो सकता।
कोर्ट ने टिप्पणी की कि आरोपी पक्ष में प्रथम दृष्टया सबूत मौजूद हैं, खासकर शेल कंपनियों में जमा करीब 750 करोड़ रुपए से उसके सीधे संबंध दिखते हैं। जमानत देने से जांच पर असर पड़ सकता है, इसलिए कोई आधार नहीं बनता। कोर्ट ने यह भी कहा कि कुछ नौकरशाहों को लगता है कि उन्हें कोई खास विशेषाधिकार प्राप्त है, जो गलत धारणा है।
राजशेखर रेड्डी के वकील रंजीत कुमार ने याचिका पर बहस के दौरान इसे वापस लेने की अनुमति मांगी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। हालांकि, कोर्ट ने आरोपी को ट्रायल कोर्ट या हाई कोर्ट में उचित समय पर नई जमानत याचिका दायर करने की छूट दे दी।
यह फैसला आंध्र प्रदेश में पिछले कुछ समय से चल रही जांच को मजबूती देता है, जहां कई अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाएं भी विभिन्न स्तरों पर विचाराधीन हैं। मुख्य आरोपी के रूप में राजशेखर रेड्डी की स्थिति अब और मजबूत हो गई है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।

