आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और वन मंत्री पवन कल्याण के भाई कोनिडेला नागा बाबू ने शुक्रवार को एपी ग्रीन एग्जीक्यूटिव कमेटी के चेयरमैन के रूप में पदभार संभाला। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य वर्ष 2047 तक राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्र के 50 प्रतिशत हिस्से को हरित क्षेत्र में बदलना है।
मंगलगिरि स्थित अरण्य भवन में पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए नागा बाबू ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाएगा बल्कि इसे जनभागीदारी वाला जन आंदोलन बनाया जाएगा। नागा बाबू का पूरा नाम कोनिडेला नागेंद्र राव है और उन्हें 17 अगस्त को आंध्र प्रदेश सोसाइटी फॉर ग्रीनिंग एंड रीफॉरेस्टेशन फॉर इकोलॉजिकल एनरिचमेंट की कार्यकारी समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। इस पद के साथ उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी दिया गया है।
उन्होंने मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण का धन्यवाद करते हुए कहा कि वे उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ निभाएंगे। नागा बाबू ने कहा, “एपी ग्रीन के माध्यम से मैं राज्य में हरियाली बढ़ाने, वन क्षेत्र का विस्तार करने और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए पूरी मेहनत करूंगा।”
उन्होंने बताया कि वर्तमान में आंध्र प्रदेश में वन क्षेत्र 22.96 प्रतिशत है। सरकार का लक्ष्य वन और वृक्षों के कुल क्षेत्र को मिलाकर 2047 तक 50 प्रतिशत हरित आवरण हासिल करना है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक आंकड़ा नहीं है बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, स्वस्थ वातावरण और बेहतर जीवन देने का संकल्प है।
नागा बाबू ने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज पूरी दुनिया के लिए बड़ी चुनौती है। इसलिए राज्य में जंगलों के अलावा कृषि भूमि, गांवों, शहरों, सड़कों के किनारे, नहरों के तटों, सरकारी और निजी संस्थानों के परिसरों, औद्योगिक क्षेत्रों और अनुपयोगी भूमि पर भी बड़े पैमाने पर हरियाली बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि एपी ग्रीन समिति बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान और पौधरोपण को बढ़ावा देगी। नागा बाबू ने कहा कि इतने बड़े लक्ष्य को कोई एक विभाग अकेले हासिल नहीं कर सकता। इसके लिए कृषि, बागवानी, पंचायत राज, शिक्षा, उद्योग, राजस्व, जल संसाधन, परिवहन और वन विभाग सहित सभी संबंधित विभागों के साथ मिलकर काम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि किसान, स्वयंसेवी संगठन, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व संस्थाएं, विद्यार्थी, युवा, उद्यमी और आम नागरिक इस अभियान के महत्वपूर्ण भागीदार होंगे। उनका उद्देश्य एपी ग्रीन को सरकारी योजना से आगे बढ़ाकर जन आंदोलन बनाना है।
नागा बाबू ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही लक्ष्य नहीं है बल्कि उनकी सुरक्षा, देखभाल और जीवित रहने को सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसके लिए प्रत्येक पौधे की निगरानी और रखरखाव के लिए विशेष व्यवस्था बनाई जाएगी।

