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अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में सीबीआई करे: हरीश रावत

Ankita Bhandari murder case should be investigated by CBI under the supervision of Supreme Court: Harish Rawat

8 फरवरी । अंकिता भंडारी हत्याकांड पर कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि राष्ट्रपति से अनुरोध किया गया है कि सीबीआई सुप्रीम कोर्ट की देखरेख और निगरानी में जांच करे।

देहरादून में आईएएनएस से बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि इसमें शामिल वीआईपी के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए, और नष्ट किए गए सबूतों की भी पूरी जांच होनी चाहिए।

पूर्व सीएम ने एक्स पोस्ट में लिखा कि अंकिता भंडारी को न्याय दो की मांग को लेकर आयोजित महापंचायत में पहुंचकर अपनी एकजुटता जाहिर की और महापंचायत में बेटी अंकिता भंडारी के माता-पिता से भी भेंट की। बेटी को खोने के अपार दुःख के बावजूद उनका संयम और साहस प्रेरणादायी है। न्याय की उनकी दृढ़ मांग ने पूरे उत्तराखंड को एकजुट किया है। उनकी पीड़ा हर उत्तराखंडी की साझा पीड़ा है। न्याय की इस लड़ाई में पूरा उत्तराखंड उनके साथ खड़ा है। एक बात मैं अवश्य कहना चाहता हूं कि एक बार आपको और हम सबको जाननी है कि यह लड़ाई आज बद्रीनाथ, केदारनाथ, हेमकुंड साहब, कलियर सारे पवित्र स्थानों की पुकार का परिणाम है फिर से मामला प्रसांगिक बना है, फिर से पूरा उत्तराखंड उद्वलित है और फिर से सारा हिंदुस्तान हमारी तरफ देख रहा है कि लोग या न कहें कि हममें कभी उबाल आता है और उबाल आने के बाद भी फिर ठंडे पड़ जाते हैं, अब यह लड़ाई निर्णायक मोड़ तक ले करके जानी चाहिए।

जब तक वीआईपी, चाहे वह कोई भी हो, चाहे वह किसी रंग, रूप और किसी भी तरीके का हो, जब तक वह वीआईपी कानून के शिकंजे में नहीं आते हैं, जब तक साक्ष्य नष्ट करने वाले कानून के शिकंजे में नहीं आते हैं, जब तक वह पुलिस के अधिकारी कानून के शिकंजे में नहीं आते हैं, जिन्होंने इस मामले को टाल मटोल करने का काम किया है, तब तक यह लड़ाई थमनी नहीं चाहिए।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को ‘गद्दार दोस्त’ कहे जाने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि जिस व्यक्ति को पार्टी ने कई बार सांसद बनाया और कई अहम पद दिए, अगर वह व्यक्ति पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो जाता है, तो उसे ही (राहुल गांधी ने) ‘गद्दार दोस्त’ कहा है।

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