31 मार्च । छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के अंतिम चरण में पुलिस को एक अहम सफलता मिली है। कोयलीबेड़ा इलाके के दो हार्डकोर नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटते हुए आत्मसमर्पण कर दिया है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की पहचान शंकर और हिडमा के रूप में हुई है।
इनमें से एक नक्सली ने एके-47 राइफल के साथ आत्मसमर्पण किया। दोनों लंबे समय से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय थे और इलाके में कई घटनाओं में शामिल रहे थे। पुलिस के लगातार दबाव और सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर उन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।
कांकेर पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि जिले में अब भी लगभग 15 नक्सली ऐसे हैं, जो अभी मुख्यधारा में नहीं लौटे हैं। पुलिस का मानना है कि इन नक्सलियों को भी जल्द ही आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और नक्सलियों को समझाने के साथ-साथ उन्हें बेहतर जीवन का विकल्प भी दिया जा रहा है।
आत्मसमर्पण की यह कार्रवाई कांकेर पुलिस के समक्ष पूरी प्रक्रिया के तहत की गई। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस अधिकारियों ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया है, जिससे वे सामान्य जीवन जी सकें।
कांकेर के पुलिस अधीक्षक ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि नक्सल उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे अभियान में यह एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि भटके हुए लोगों को सही रास्ते पर लाना भी है।
बताया जा रहा है कि इस सफलता से यह साफ हो चुका है कि कांकेर जिले में नक्सलवाद के खिलाफ अभियान अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है और आने वाले समय में इसके और बेहतर परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

