पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने नादौन विधानसभा क्षेत्र में नवनिर्मित परिसर में डॉ. राधाकृष्णन सरकारी मेडिकल कॉलेज को स्थानांतरित करने में हो रही देरी की आलोचना करते हुए कहा कि यह सुविधा लगभग दो वर्षों से तैयार है।
कल परिसर के दौरे के दौरान ठाकुर ने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि नए परिसर में स्थानांतरण में देरी के लिए कौन जिम्मेदार है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 300 करोड़ रुपये की इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार की मंजूरी प्राप्त करने में बहुत अधिक प्रयास करना पड़ा, जिससे मौजूदा देरी बेहद निराशाजनक हो गई है।
ठाकुर के अनुसार, इमारतों का निर्माण दो साल पहले पूरा हो जाने के बावजूद, 600 छात्रों के लिए नियमित कक्षाएं अभी तक शुरू नहीं हो पाई हैं और नए परिसर में बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं।
राज्य सरकार की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए ठाकुर ने पूछा कि जब बुनियादी ढांचा पूरी तरह से तैयार है तो कामकाज में देरी क्यों हो रही है। उन्होंने याद दिलाया कि 2017 में आधारशिला रखी गई थी, लेकिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने भूमि उपलब्धता में देरी करके शुरुआती प्रगति को रोक दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकारों ने लगातार इस परियोजना में देरी की है, जिसके चलते पूरा होने के बावजूद नया परिसर निष्क्रिय पड़ा है।
ठाकुर ने आगे कहा कि इस देरी के कारण आम जनता गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा तक घर बैठे पहुंच से वंचित हो गई है और उन्होंने राज्य सरकार से यह स्पष्टीकरण देने की मांग की कि इस प्रतिष्ठित संस्थान का उपयोग क्यों नहीं किया जा रहा है।


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