वाशिंगटन,व्हाइट हाउस के पास अमेरिकी सीक्रेट सर्विस एजेंट्स ने 30 वर्षीय वेनेजुएलाई नागरिक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जान से मारने के इरादे से आया था। उसकी गाड़ी से एक एआर-15 राइफल, दो पिस्तौल और बड़ी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया गया है।
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, संदिग्ध ने पूछताछ के दौरान बताया कि उसके सिर में सुनाई देने वाली आवाजें उसे राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या करने के लिए कह रही थीं।
यह गिरफ्तारी गुरुवार देर रात लगभग आधी रात से पहले हुई। व्हाइट हाउस के आसपास नियमित गश्त कर रहे सीक्रेट सर्विस के एक एजेंट की नजर कॉन्स्टिट्यूशन एवेन्यू पर खड़े नीले रंग के फोर्ड एफ-150 पिकअप ट्रक पर पड़ी। वाहन संदिग्ध स्थिति में खड़ा था।
डीसी सुपीरियर कोर्ट में दाखिल आपराधिक शिकायत के अनुसार, अधिकारी ने वाहन के अंदर बैठे व्यक्ति से संपर्क किया और पूछा कि क्या वह सुरक्षित है तथा क्या उसके पास कोई हथियार है। इस पर संदिग्ध ने कथित तौर पर सिर हिलाकर हथियार होने का संकेत दिया और उंगलियों से बंदूक चलाने जैसा इशारा किया।
इसके बाद वह वाहन से बाहर आया। जांच अधिकारियों के साथ बातचीत के दौरान उसने गूगल ट्रांसलेट की मदद ली।
पूछताछ में संदिग्ध ने कथित तौर पर बताया कि उसके पास एक बंदूक है, क्योंकि किसी व्यक्ति ने उससे उसकी हत्या करने की कोशिश की थी और उसने उस व्यक्ति से हथियार छीन लिया था। इसके बाद उसने अधिकारियों को गाड़ी के अंदर रखे एक भूरे रंग के बैग की ओर इशारा किया।
वाहन की तलाशी लेने पर अधिकारियों को एक एआर-15 राइफल, दो हैंडगन और गोला-बारूद मिला। जांच में पिकअप ट्रक चोरी का पाया गया।
अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) के अनुसार, संदिग्ध ने अधिकारियों को कथित तौर पर बताया कि उसके सिर में आवाज कौंध रही थीं। ये उसे राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या करने का निर्देश दे रही थीं।
अदालती रिकॉर्ड के मुताबिक, संदिग्ध की पहचान रॉनी यॉर्ड्रिक्स गुआनिपा क्रिनोस के रूप में हुई है। उसे शुक्रवार को डीसी सुपीरियर कोर्ट में पेश किया गया। फिलहाल उसे बिना जमानत हिरासत में रखा गया है।
डीएचएस ने बताया कि गुआनिपा-क्रिनोस वेनेजुएला का एक अवैध प्रवासी है, जो मार्च 2024 में टेक्सास के रास्ते अमेरिका में दाखिल हुआ था। अमेरिकी आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन एजेंसी (आईसीई) ने उसके खिलाफ आव्रजन हिरासत का अनुरोध भी दर्ज कराया है।
यह घटना ऐसे समय हुई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति और व्हाइट हाउस की सुरक्षा को लेकर पहले से सतर्कता बरती जा रही है।
इससे पहले अप्रैल में व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर में गोलीबारी की घटना के बाद अमेरिकी अधिकारियों ने एक संदिग्ध पर राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या की कोशिश का आरोप लगाया था। अधिकारियों ने दावा किया था कि समय रहते कार्रवाई से एक बड़े हमले को रोका गया।
कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने उस समय कहा था कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साहस और पेशेवर तरीके से काम करने के कारण उस भयावह घटना को रोकना संभव हुआ। उन्होंने कहा था कि राष्ट्रपति, सुरक्षा घेरे में शामिल अन्य लोगों और कार्यक्रम में मौजूद प्रतिभागियों को सुरक्षित रखा गया।
अदालती दस्तावेजों में उस मामले के संदिग्ध की पहचान कोल थॉमस एलन के रूप में हुई थी। उस पर राष्ट्रपति की हत्या की कोशिश, अपराध को अंजाम देने के लिए अंतरराज्यीय स्तर पर हथियार ले जाने और हिंसक अपराध के दौरान गोली चलाने सहित तीन संघीय आरोप लगाए गए थे।


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