चंडीगढ़ एक बार फिर समकालीन कलात्मक अभिव्यक्ति का सजीव केंद्र बनने जा रहा है, जब आर्टस्केप्स द्वारा पंजाब कला भवन, सेक्टर-16 में 12वीं वार्षिक महिला कलाकार समकालीन कला प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। 25 अप्रैल को आरम्भ होने वाली यह प्रदर्शनी वर्ष 2011 से कला में सृजनशीलता, संवाद और समावेशिता को प्रोत्साहित करने की आर्टस्केप्स की निरंतर प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाती है।
देश भर से आई विविध कलात्मक आवाज़ों को एक मंच पर लाते हुए, इस प्रदर्शनी में 100 से अधिक चयनित कलाकृतियाँ प्रदर्शित की जाएँगी, जिनमें पेंटिंग, मूर्तिकला, प्रिंटमेकिंग, ड्राइंग और फोटोग्राफी शामिल हैं। भारत के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ ग्रीस, तुर्की, चेकोस्लोवाकिया, इंग्लैंड, पोलैंड, रूस और स्वीडन से प्राप्त 1000 से अधिक प्रविष्टियों में से चयनित यह प्रदर्शनी आज के समकालीन कला-परिदृश्य में सक्रिय महिला कलाकारों के बदलते विचारों, जीवनानुभवों और कल्पनाशील अभिव्यक्तियों को दर्शाती है।
प्रदर्शनी को एक विशेष आयाम प्रदान करता है प्रसिद्ध क्यूरेटर और लेखक प्रेमजीश आचारी द्वारा लिखा गया क्यूरेटोरियल नोट, जो प्रदर्शनी की वैचारिक संरचना और विषयगत चिंताओं पर गंभीर दृष्टि प्रस्तुत करता है। चयन प्रक्रिया एक प्रतिष्ठित निर्णायक मंडल द्वारा सम्पन्न की गई, जिसमें प्रमुख समकालीन भारतीय कलाकार विभा गल्होत्रा शामिल थीं, जिन्हें एशिया सोसाइटी गेम चेंजर अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। वे इनलैक्स फाउंडेशन, रॉकफेलर फाउंडेशन बेलाजियो सेंटर और एशियन कल्चरल काउंसिल की फेलो भी रह चुकी हैं, जिससे चयन प्रक्रिया को गहन दृष्टि और गंभीरता प्राप्त हुई।
यह प्रदर्शनी केवल कलाकृतियों का पारंपरिक प्रदर्शन नहीं है, बल्कि अभिव्यक्ति और संवाद का एक सशक्त मंच है—जहाँ व्यक्तिगत अनुभव व्यापक सामाजिक और सांस्कृतिक चिंतन से जुड़ते हैं। अपने कार्यों के माध्यम से कलाकार दुनिया को नए दृष्टिकोण से देखने, प्रश्न करने और पुनः कल्पना करने का साहसिक प्रयास प्रस्तुत करती हैं।
एक गैर-सरकारी पहल के रूप में आर्टस्केप्स ने निरंतर कलात्मक नवाचार को प्रोत्साहित करते हुए समानता और प्रतिनिधित्व को बढ़ावा दिया है। इसकी वार्षिक प्रदर्शनी एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आयोजन के रूप में स्थापित हो चुकी है, जो महिला कलाकारों के योगदान का उत्सव मनाने के साथ-साथ दृश्य भाषा के माध्यम से सार्थक संवाद को प्रोत्साहित करती है।
प्रदर्शनी का उद्घाटन हरियाणा के माननीय राज्यपाल प्रो. अशिम कुमार घोष द्वारा, श्रीमती मित्रा घोष की उपस्थिति में किया जाएगा। उनकी गरिमामयी उपस्थिति इस बात को रेखांकित करती है कि कला एक प्रगतिशील और समावेशी समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उद्घाटन समारोह के पश्चात प्रदर्शनी आम जनता के लिए खोल दी जाएगी।

