N1Live National अरुणाचल पुलिस ने संदिग्ध तस्करी मामले में 34 बच्चों को बचाया, चार महिलाओं को गिरफ्तार किया
National

अरुणाचल पुलिस ने संदिग्ध तस्करी मामले में 34 बच्चों को बचाया, चार महिलाओं को गिरफ्तार किया

Arunachal Police rescued 34 children in suspected smuggling case, arrested four women

अरुणाचल प्रदेश पुलिस ने संदिग्ध बाल तस्करी नेटवर्क की जांच में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों से 34 बच्चों को बचाया और उनका पता लगाया, साथ ही चार संदिग्ध महिला दलालों और मदद करने वालों को गिरफ्तार किया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि संदिग्ध बाल तस्करी और बच्चों को गैर-कानूनी तरीके से काम पर लगाने के मामलों में चल रही जांच और तलाशी अभियान के तहत, नामसाई जिला पुलिस ने अब तक अलग-अलग जगहों से कुल 38 लोगों का पता लगाकर उन्हें बचाया है, जिनमें 34 बच्चे और चार वयस्क शामिल हैं।

यह जांच नामसाई पुलिस स्टेशन में पहले दर्ज किए गए एक मामले के सिलसिले में की जा रही है।

अधिकारी ने बताया कि इस ऑपरेशन का नेतृत्व और मामले की जांच डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (डीएसपी) केंगो डिर्ची ने की। यह काम नामसाई जिले के सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसपी) सांगे थिनले की कड़ी निगरानी में और नामसाई की चाइल्ड वेलफेयर कमिटी (सीडब्ल्यूसी) तथा डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट (डीसीपीयू) के सहयोग और तालमेल से किया गया।

जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी और नए सुराग मिले, इस मामले में एक और मुख्य मददगार रूपाली पडुंग को गिरफ्तार किया गया, जिससे अब तक गिरफ्तार किए गए वयस्कों की कुल संख्या चार हो गई है। बच्चों को लाने-ले जाने और उन्हें काम पर लगाने के मामले में गिरफ्तार किए गए अन्य तीन लोगों के साथ-साथ उसकी कथित भूमिका की भी कानून के अनुसार जांच की जा रही है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले से जुड़े मददगारों की पूरी चेन, पीड़ितों के ट्रांसपोर्टेशन और उन्हें अलग-अलग जगहों पर रखने, पैसों के लेन-देन, इलेक्ट्रॉनिक सबूत और दूसरी कड़ियों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

अधिकारी के मुताबिक, शुरुआती जांच से पता चलता है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से संपर्क करके उन्हें बच्चों की बेहतर शिक्षा, देखभाल और परवरिश का भरोसा दिलाया गया था। इसके बाद कथित तौर पर बच्चों को ले जाकर दूर-दराज के इलाकों में अलग-अलग लोगों के पास रखा गया। अधिकारी ने बताया कि कुछ मामलों में प्रति बच्चा लगभग 10,000 रुपए से 50,000 रुपए तक के संदिग्ध पैसों के लेन-देन की बात सामने आई है।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास कथित तौर पर बच्चों को रखा गया था, साथ ही संबंधित माता-पिता और अभिभावकों से भी जांच के तहत पूछताछ की जा रही है। बच्चों को रखने से जुड़ी परिस्थितियों और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की पुष्टि की जा रही है, और जांच के दौरान मिले सबूतों के आधार पर जहां भी जरूरी हो, कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है।

नामसाई जिले में सीडब्ल्यूसी और डीसीपीयू ने जांच के दौरान मिले और बचाए गए बच्चों की देखभाल, सुरक्षा, काउंसलिंग, पुनर्वास और कल्याण के लिए जरूरी सहयोग और मदद दी है।

Exit mobile version