आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल शुक्रवार को अयोध्या में राम मंदिर जाएंगे। केजरीवाल भगवान श्री राम के दर्शन करेंगे और साधु-संतों से मुलाकात भी करेंगे। उनका यह दौरा चढ़ावे में कथित चोरी की जांच कर रही एसआईटी पर सवाल उठाने के एक दिन बाद हो रहा है।
एफआईआर दर्ज न होने को लेकर उन्होंने मंदिर में दान की कथित चोरी की जांच के लिए बनाई गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) पर सवाल उठाने के साथ ही इसे ‘दिखावा’ बताया। बीते दिन गुरुवार को वे अयोध्या पहुंच गए थे।
पत्रकारों से बात करते हुए केजरीवाल ने बीते दिन कहा, “मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इन लोगों ने भगवान राम की खड़ाऊं, मालाएं, दीये, गहने, हीरे-जवाहरात और भगवान को चढ़ाया गया चढ़ावा भी चुरा लिया है। कथित तौर पर 200 करोड़ रुपये नकद और लगभग 2 किलो चांदी भी चोरी हुई है।” उन्होंने आगे कहा था कि यह सब सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ है और करोड़ों भक्त भी इससे दुखी हैं।
अयोध्या के लिए निकलने से पहले केजरीवाल ने कहा था, “मैं अब अयोध्या जा रहा हूं; कल मैं राम मंदिर और हनुमानगढ़ी में पूजा-अर्चना करूंगा। मैं हनुमानगढ़ी में संतों से भी मिलूंगा।” सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा था, “मैंने कल कहा था कि अगर 100 रुपये भी चोरी होते हैं, तो उसके लिए एफआईआर दर्ज की जाती है। इस मामले में करोड़ों रुपये चोरी हुए हैं। हालांकि कुछ रकम बरामद कर ली गई है, फिर भी कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।”
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा था कि एफआईआर के बिना एसआईटी नहीं बनाई जा सकती। सीआरपीसी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा था कि सीआरपीसी (दंड प्रक्रिया संहिता) में यह उल्लेख है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद ही एसआईटी का गठन किया जाएगा।
एसआईटी के गठन को लेकर उन्होंने कहा था कि यह एसआईटी किस कानून के आधार पर बनाई गई है? टीम के पास जांच करने की कोई शक्ति नहीं है। इसलिए, इस एसआईटी का गठन केवल दिखावा है और लोगों को धोखा देने का एक तरीका है।” उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा था कि ‘बड़े नामों को बचाने’ के लिए किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह (एसआईटी) कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है; इतनी बड़ी चोरी जो इतने लंबे समय से की जा रही थी, प्रभावशाली लोगों के समर्थन के बिना संभव नहीं होती।
केजरीवाल ने कहा था कि अयोध्या के राम मंदिर से इतनी सारी पवित्र वस्तुओं की कथित चोरी ने करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं को आहत किया है। इस बीच, राम मंदिर के लिए दिए गए दान में हेराफेरी के कथित विवाद पर विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के अध्यक्ष आलोक कुमार ने गुरुवार को कहा कि तुरंत एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भगवान राम के मंदिर में चढ़ाए गए दान का किसी और काम में इस्तेमाल करना हिंदू समुदाय की आस्था को ठेस पहुंचाने जैसा है।

