April 25, 2026
Himachal

आशा कुमारी ने केंद्र पर गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया।

Asha Kumari accused the Centre of spreading misinformation.

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आशा कुमारी ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण विधेयक को लेकर गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया और दोहराया कि संसद द्वारा 2023 में पारित इस कानून को बिना किसी देरी के लागू किया जाना चाहिए।

यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कुमारी ने कहा कि विधेयक को सर्वसम्मति से समर्थन मिला है और इसमें नए संशोधन की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा, “महिला आरक्षण विधेयक पहले ही पारित हो चुका है। इसे दोबारा संशोधित करने की कोई जरूरत नहीं है। सरकार को इसे इसके मौजूदा स्वरूप में ही लागू करना चाहिए।”

उन्होंने बताया कि 2023 का कानून लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को अगली जनगणना से जोड़ता है। उन्होंने कहा, “जनगणना कराना भारत सरकार की जिम्मेदारी है। अद्यतन आंकड़ों के बिना, यह प्रक्रिया योजनाबद्ध तरीके से आगे नहीं बढ़ सकती।” उन्होंने आगे कहा, “संसद मनमाने ढंग से सीटों की संख्या तय नहीं कर सकती। यह जनगणना के बाद परिसीमन आयोग का अधिकार है। उचित प्रक्रिया के बिना राजनीतिक मानचित्र को फिर से बनाने का कोई भी प्रयास संवैधानिक नहीं है।” संभावित क्षेत्रीय असंतुलनों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे प्रस्तावों से बड़े राज्यों में प्रतिनिधित्व असमान रूप से बढ़ सकता है, जबकि हिमाचल प्रदेश जैसे छोटे राज्यों को मामूली लाभ मिलेगा, जिससे संतुलन बिगड़ जाएगा।

पार्टी में महिलाओं के प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर कुमारी ने कहा कि कांग्रेस ने लगातार महिला नेताओं को बढ़ावा दिया है और राजनीति में उनकी भागीदारी का समर्थन किया है। इस अवसर पर चंबा के विधायक नीरज नायर भी उपस्थित थे।

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