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अश्विनी वैष्णव ने इंजीनियर से आईएएस और फिर केंद्रीय मंत्री बनने तक का तय किया सफर

Ashwini Vaishnaw’s journey from engineer to IAS officer and then to Union Minister.

18 जुलाई 1970 को राजस्थान में जन्मे केंद्रीय रेलवे, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव का जीवन बड़ा ही दिलचस्प रहा है। अश्विनी वैष्णव ने प्रशासनिक अधिकारी से लेकर केंद्रीय मंत्री तक का सफर तय किया है। वे अपनी प्रशासनिक दक्षता, तकनीकी समझ और आधुनिक सोच के लिए जाने जाते हैं। उनका उद्देश्य भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर, डिजिटल रूप से सशक्त और आधुनिक परिवहन व्यवस्था से लैस बनाना रहा है।

अश्विनी वैष्णव का जन्म राजस्थान के जोधपुर जिले में हुआ था। उन्होंने 1989 में एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज (जेएनवीयू) जोधपुर से इलेक्ट्रॉनिक और संचार इंजीनियरिंग की। इसके बाद आईआईटी कानपुर से एम.टेक पूरा किया। 1994 में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की परीक्षा उत्तीर्ण की, जिसमें उनकी रैंक 27 थी।

1994 में अश्विनी वैष्णव ओडिशा कैडर से भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल हुए और उन्होंने बालासोर और कटक जिलों के कलेक्टर के रूप में कार्य किया। उन्होंने ओडिशा के विभिन्न हिस्सों में बड़े पैमाने पर काम किया। वैष्णव ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यालय में उप सचिव के रूप में भी कार्य किया। पीएमओ में अपने संक्षिप्त कार्यकाल के बाद उन्होंने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में सार्वजनिक-निजी-भागीदारी ढांचे को बनाने में योगदान दिया। इसके बाद उनको वाजपेयी के निजी सचिव के रूप में नियुक्त किया गया। 2006 में वह मोरमुगाओ पोर्ट ट्रस्ट के उपाध्यक्ष बने, जहां दो वर्षों तक काम किया।

अश्विनी वैष्णव 2008 में वे पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय के व्हार्टन स्कूल से एमबीए करने के लिए अमेरिका चले गए। उन्होंने निजी क्षेत्र में शामिल होने के लिए 2010 में सिविल सेवा छोड़ दी और कार्पोरेट जगत में शामिल हो गए।

एमबीए पूरा करने के बाद अश्विनी वैष्णव भारत वापस आ गए और प्रबंध निदेशक के रूप में जीई ट्रांसपोर्टेशन में शामिल हो गए। इसके बाद सीमेंस में वाइस प्रेसिडेंट, लोकोमोटिव्स एंड हेड अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर स्ट्रैटेजी के रूप में शामिल हुए। 2012 में कॉर्पोरेट क्षेत्र को छोड़ दिया और गुजरात में थ्रीटी ऑटो लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड और वीजी ऑटो कम्पोनेंट्स प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की।

अश्विनी वैष्णव भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े और वर्ष 2019 में ओडिशा से राज्यसभा सदस्य बने। वर्ष 2021 में उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। इसके बाद उन्होंने रेलवे, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली।

अश्विनी वैष्णव के कार्यकाल में भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया गया। रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास, ट्रेनों में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और नई तकनीकों के उपयोग पर तेजी से काम हुआ। वंदे भारत ट्रेनों के विस्तार और रेल अवसंरचना के विकास को भी उनके कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में गिना जाता है।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में उन्होंने भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण, डिजिटल सेवाओं के विस्तार, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसी उभरती तकनीकों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की। उनका लक्ष्य भारत को वैश्विक तकनीकी केंद्र के रूप में स्थापित करना रहा है।

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