October 23, 2026
Sports

एशियन पैरा गेम्स 2026: थुलसिमथी-मानसी की जोड़ी ने गोल्ड मेडल पर जमाया कब्जा, फाइनल में चीन को दी शिकस्त

Asian Para Games 2026: Thulsimathi and Manasi clinch gold medal, defeating China in the final

 

नागोया, भारत की पैरा बैडमिंटन जोड़ी थुलसिमथी मुरुगेसन और मानसी जोशी ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में महिला डबल्स एसएल3-एसयू5 कैटेगरी में गोल्ड मेडल अपने नाम किया है।

भारतीय जोड़ी ने चीन की मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन किउक्सिया यांग और ज़ुक्सियान जिओ को सीधे गेम में 21-16 और 21-13 से हराया। इस जीत के साथ उन्होंने एशियन चैंपियनशिप 2025 के फाइनल में मिली हार का बदला लिया और यह अहम मेडल जीता। इस मेडल के साथ थुलसिमथी और मानसी ने पिछले संस्करण में जीते अपने सिल्वर मेडल का रंग भी बदल लिया है।

इससे पहले, दिन में थुलसिमथी ने नितेश कुमार के साथ मिलकर मिक्स्ड डबल्स एसएल3-एसयू5 में सिल्वर मेडल जीता। फाइनल में इस भारतीय जोड़ी को इंडोनेशिया की लीनी रात्री ओक्टिला और हिकमत रमदानी से 21-11, 19-21, 14-21 से हार का सामना करना पड़ा।थुलसिमथी ने महिला सिंगल्स एसयू5 में भी सिल्वर मेडल अपने नाम किया। फाइनल में उन्हें चीन की यांग से 21-18, 21-11 के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।

भारत के नवीन शिवकुमार और नितेश कुमार ने क्रमशः पुरुष सिंगल्स एसएल3 और एसएल4 कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीते। दो पैरालंपिक चैंपियनों के बीच हुए ऑल-इंडिया फाइनल में नितेश ने अपने ही देश के प्रमोद भगत (जिन्होंने 2018 और 2022 संस्करणों में गोल्ड जीता था) को 21-18, 21-16 से हराया।

एक अन्य मुकाबले में नित्या श्री सुमति सिवन को महिला सिंगल्स एसएच6 फाइनल में चीन की ली फेंगमेई से 12-21, 13-21 से हार मिली, जिसके बाद उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। पैरा बैडमिंटन में एसएल3 उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके निचले पैरों में गंभीर दिव्यांगता है और वह हाफ कोर्ट पर खेलते हैं। वहीं, एसएल4 उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके निचले अंगों में दिव्यांगता तो है, लेकिन उनका चलने और दौड़ने का संतुलन बेहतर है। एसयू5 उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके ऊपरी अंगों (हाथों) में दिव्यांगता है, जबकि एसएच6 कम कद वाले खिलाड़ियों के लिए है।

हांगझोऊ 2023 में अपने अब तक के सबसे बेहतरीन एशियान पैरा गेम्स अभियान के बाद, भारतीय दल आइची-नागोया पहुंचा है। हांगझोऊ में भारतीय खिलाड़ियों ने रिकॉर्ड 111 पदक जीते थे, जिनमें 29 गोल्ड, 31 सिल्वर और 51 ब्रॉन्ज मेडल शामिल थे। भारत मेडल टैली में पांचवें स्थान पर रहा था।

 

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