27 फरवरी । असम में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया में कांग्रेस को झटका लगा है। पार्टी ने प्रारंभिक उम्मीदवार सूची में कथित विसंगतियां सामने आने के बाद लगभग 30 विधानसभा क्षेत्रों में नए सिरे से सर्वे कराने का आदेश दिया है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, उम्मीदवारों के पुनर्मूल्यांकन का फैसला कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के हस्तक्षेप के बाद लिया गया। उन्होंने दिल्ली स्थित एक पेशेवर एजेंसी को जमीनी स्तर पर नया आकलन करने के निर्देश दिए हैं।
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब कांग्रेस अपनी पहली उम्मीदवार सूची को अंतिम रूप देने के करीब मानी जा रही थी।
इन 30 विधानसभा क्षेत्रों के लिए प्रारंभिक पैनल राज्य स्तरीय स्क्रीनिंग समिति ने जिला इकाइयों, वरिष्ठ नेताओं और पर्यवेक्षकों से परामर्श के बाद तैयार किया था। बताया जाता है कि यह सूची अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की मंजूरी के लिए भेजी गई थी और कई सीटों पर नाम लगभग तय माने जा रहे थे।
हालांकि, कई संभावित उम्मीदवारों की जीतने की क्षमता, संगठनात्मक स्वीकार्यता और स्थानीय फीडबैक को लेकर चिंताएं सामने आईं।
सूत्रों का कहना है कि इन्हीं कारणों से प्रियंका गांधी वाड्रा ने अंतिम मंजूरी से पहले राजनीतिक जमीनी हकीकत का पुनर्मूल्यांकन करने के लिए स्वतंत्र सर्वे कराने का निर्णय लिया।
पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया, “यह सर्वे मतदाताओं के मूड, जाति और समुदाय के समीकरण, सत्ताविरोधी रुझान और संभावित उम्मीदवारों की समग्र स्वीकार्यता को समझने के लिए कराया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि संशोधित प्रक्रिया अंतिम उम्मीदवार सूची को आकार देने में अहम भूमिका निभा सकती है।
इस घटनाक्रम से राज्य कांग्रेस के कुछ वर्गों में असहजता देखी जा रही है, खासकर उन दावेदारों में जिन्हें अपनी उम्मीदवारी लगभग तय लग रही थी।
वहीं, कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह कदम पार्टी नेतृत्व की इस प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि चुनाव मैदान में मजबूत और विश्वसनीय उम्मीदवार उतारे जाएं।
असम चुनाव नजदीक आने के साथ कांग्रेस पर उम्मीदवार चयन को लेकर सही फैसला लेने का दबाव है, विशेषकर उन विधानसभा क्षेत्रों में जहां आंतरिक गुटबाजी और कड़े मुकाबले परिणामों को प्रभावित कर सकते हैं।
पार्टी गठबंधन और सीट बंटवारे के विकल्पों पर भी विचार कर रही है, जिससे चयन प्रक्रिया और जटिल हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, नया सर्वे रिपोर्ट अगले कुछ दिनों में एआईसीसी को सौंपे जाने की संभावना है। इसके बाद स्क्रीनिंग समिति अपनी सिफारिशों की फिर से समीक्षा कर सकती है।
इस मामले पर कांग्रेस नेतृत्व ने अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि नई सर्वे रिपोर्ट का विस्तृत अध्ययन करने के बाद ही अंतिम उम्मीदवार सूची जारी की जाएगी, भले ही इसमें घोषणा में देरी क्यों न हो।


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