असम राइफल्स ने रविवार को अगरतला में आदिवासी छात्रों के लिए एक खास ड्रोन डिस्प्ले का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मकसद बच्चों को तकनीक के बारे में जागरूक करना और उन्हें यह दिखाना कि आज के समय में ड्रोन सैन्य अभियानों में कितने महत्वपूर्ण हैं।
इस संबंध में असम राइफल्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया, “टेक्नोलॉजी के बारे में जागरूकता और इनोवेशन को बढ़ावा देने के मकसद से एक महत्वपूर्ण पहल के तहत, असम राइफल्स ने पश्चिम त्रिपुरा जिले के आदिवासी छात्रों के लिए एक ड्रोन डिस्प्ले का आयोजन किया।”
उन्होंने आगे बताया कि पश्चिम त्रिपुरा के 10 स्कूलों के कुल 479 छात्रों और 24 शिक्षकों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान छात्रों को नई पीढ़ी के कई तरह के ड्रोन दिखाए गए, जिनमें आधुनिक युद्ध, जासूसी, निगरानी और लॉजिस्टिक्स में उनके इस्तेमाल पर प्रकाश डाला गया। छात्रों ने ड्रोन के लाइव ऑपरेशन देखे और उन्हें उनके तकनीकी पहलुओं, ऑपरेशनल महत्व और आज के समय में सैन्य अभियानों में बढ़ते महत्व के बारे में बताया गया।”
इससे पहले, असम राइफल्स ने मणिपुर के सेनापति जिले के संगकुंगमई में ‘कंपनी कमांडर के साथ एक दिन’ का आयोजन भी किया था। इसका उद्देश्य युवाओं और ग्रामीणों के साथ मजबूत रिश्ते बनाना और उन्हें सेना की गतिविधियों से परिचित कराना था।
इस कार्यक्रम में नागरिक समाज संगठनों, सेंट मैरी स्कूल बेन्द्रमाई, सेंट विंसेंट स्कूल पुमदुंगलोंग और मिशनरी स्कूल बेन्द्रमाई के छात्रों और शिक्षकों के साथ-साथ सेनापति जिले के विभिन्न गांवों के ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इससे बच्चों ने सीधे कंपनी कमांडर से मिलने और उनकी दिनचर्या को जानने का मौका पाया, जिससे उन्हें सेना की जिंदगी और उसके महत्व को समझने में मदद मिली।
बता दें कि असम राइफल्स लगातार ऐसी अनोखी पहलें करता रहता है, जिनका मकसद आम लोगों को सेना के करीब लाना और दोनों के बीच भरोसे को मजबूत करना है। इन कार्यक्रमों के जरिए लोगों को न सिर्फ सेना के कामकाज के बारे में बताया जाता है, बल्कि यह भी सिखाया जाता है कि आपातकालीन हालात में खुद की और दूसरों की मदद कैसे की जा सकती है।

