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ईरान पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन, भारत की चुप्पी चिंताजनक: उदित राज

Attack on Iran a violation of international law, India's silence worrying: Udit Raj

3 मार्च । ईरान पर अमेरिका-इजरायल की ओर से किए जा रहे हमले में ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई। कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि जिस तरह से ईरान पर हमला किया गया, यह सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।

नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि हम यह नहीं कह रहे कि हम युद्ध का साथी बनें और बनना भी नहीं चाहिए। जितना हो सके युद्ध को रोका जाए, जो जिसका फैलाव बढ़ता जा रहा है, उसे रोकना चाहिए लेकिन हम देखते हैं कि जिस तरह से ईरान में हमला हो रहा है। यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। यह मानवता का उल्लंघन है। ईरान की संप्रभुता का उल्लंघन है, इस पर तो स्टैंड होना चाहिए।

खामेनेई की मौत पर भारत की चुप्पी को लेकर सोनिया गांधी द्वारा उठाए गए सवालों पर कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत सरकार कभी इतनी निर्बल नहीं थी। पहली बार ऐसा देखा जा रहा है कि जब इतनी बड़ी घटना विश्वस्तर पर हो रही है। मिडिल ईस्ट पूरा युद्ध में शामिल हो चुका है और भारत सरकार का कोई ओपिनियन नहीं निकलकर आ रहा है, न समाधान, न हस्तक्षेप, न ओपिनियन।

उन्होंने कहा कि यह उनका अपना आंतरिक मामला है, शिया-सुन्नी का मामला है। एक देश और दूसरे देश के अपने-अपने टकराव वाले हित होते हैं। दुनिया में ऐसा नहीं होता कि सभी ईसाई एक तरफ हो जाएं या सभी मुस्लिम देश एक हो जाएं। हमेशा से ऐसा ही रहा है।

यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब की जमानत पर कांग्रेस नेता ने कहा कि जिस तरह सेशन कोर्ट ने किया है, वह तो दिखता है कि न्यायपालिका पर कितना दबाव है। वैसे भी उदय भानु चिब वहां (एआई समिट) में नहीं थे। सब अलोकतांत्रिक रूप से किया गया है। यह तानाशाही है। जिन लोगों ने शर्टलैस होकर प्रदर्शन किया, वह देश को बचाने के लिए था। किसानों के हित को बचाने के लिए किया था। सरकार ने अपने भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए इस तरह से पर्दा डाला है। चूंकि इनकी बहुत बेइज्जती हो गई।

पश्चिम बंगाल में एसआईआर के मुद्दे पर कांग्रेस नेता ने कहा कि अब तो एसआईआर के माध्यम से रैगिंग हो रही है, वो तो बिहार और महाराष्ट्र में भी देखा गया है और बंगाल में भी देखा जा रहा है। बंगाल में भाजपा के लिए एक रुकावट यही है कि वहां की सरकार टीएमसी की है, वरना एक तरफा विपक्ष का वोट काटते हैं। अपना वोट बढ़ाते हैं, फर्जी वोट बढ़ाते हैं तो विपक्ष को मिलकर इसके खिलाफ बहुत कुछ करना पड़ेगा। ईवीएम और एसआईआर के खिलाफ बहुत बड़ा स्टेप उठाना पड़ेगा। ये दोनों बड़े मुद्दे हैं जिसके खिलाफ पूरे विपक्ष को एक होना पड़ेगा और बहुत बड़ा आंदोलन करना पड़ेगा।

बंगाल चुनाव के बहिष्कार के सवाल पर कहा कि हम तो अभी ये नहीं कहते हैं, वह पार्टी ही डिसाइड करेगी कि क्या परिस्थिति जन्म लेती है। वो हाईकमान है, पार्टी है। एक तकलीफ व्यक्त करना है कि हमारे वोटर हमारे सामने काटे जा रहे हैं, वोट दे नहीं पा रहे हैं। बेईमानी से भाजपा चुनाव जीतेगी और जीत रही है। एक आक्रोश व्यक्त किया है।

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