बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी ने आज चार डॉक्टरों को अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं में स्थानांतरित करने के विरोध में बंजार सिविल अस्पताल के बाहर धरना दिया। बंजार विधानसभा क्षेत्र के लोगों में स्थानीय सिविल अस्पताल से डॉक्टरों को अन्य स्थानों पर प्रतिनियुक्त किए जाने के बाद से तीव्र असंतोष व्याप्त है।
विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए। जानकारी के अनुसार, कल एक और डॉक्टर के लिए प्रतिनियुक्ति आदेश जारी किए गए, जिससे बंजार सिविल अस्पताल से भेजे गए डॉक्टरों की कुल संख्या चार हो गई है। खबरों के मुताबिक, इससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ा है, खासकर ऐसे समय में जब अस्पताल पहले से ही सीमित कर्मचारियों और संसाधनों से जूझ रहा है।
एक विशेषज्ञ डॉक्टर की प्रतिनियुक्ति ने स्थिति को और भी बिगाड़ दिया है, जिससे स्थानीय लोगों में व्यापक चिंता फैल गई है। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए विधायक ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर बंजार क्षेत्र की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने मांग की कि प्रतिनियुक्ति के आदेश तत्काल प्रभाव से रद्द किए जाएं और बंजार अस्पताल में डॉक्टरों को बहाल किया जाए। शौरी ने कहा, “जो सरकार ‘व्यवस्था परिवर्तन’ का दावा करती है, वही आज मौजूदा स्वास्थ्य व्यवस्था को भी कमजोर करने पर तुली हुई है।”
उन्होंने नए अस्पताल भवन के लंबे समय से लंबित मुद्दे को भी उठाया, जिसका निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। शौरी ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर सरकार का ध्यान बार-बार दिलाया है, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार शीघ्र कार्रवाई करने में विफल रहती है और प्रतिनियुक्त डॉक्टरों की वापसी सुनिश्चित नहीं करती है, तो वह क्षेत्र की जनता के साथ मिलकर आंदोलन को तेज करेंगे।
विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाले निवासियों ने भी इसी तरह की चिंता व्यक्त की और कहा कि डॉक्टरों की तैनाती से मरीजों, विशेषकर दूरदराज के इलाकों के मरीजों पर असर पड़ा है। उन्होंने सरकार से जन स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और नागरिक अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सा कर्मचारियों की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया।


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