बठिंडा की विशेष सांसद-विधायक अदालत ने भाजपा की मंडी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत को 15 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से अदालत के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया है, जब तक कि किसी विशेष आदेश द्वारा उन्हें छूट न दी जाए। यह निर्देश एक बुजुर्ग किसान द्वारा उनके खिलाफ दायर मानहानि के मामले के संबंध में दिया गया है।
मंगलवार को अदालत की वेबसाइट पर अपलोड किए गए एक आदेश के अनुसार, अदालत ने सोमवार को कंगना की व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट मांगने वाली अर्जी खारिज कर दी। मानहानि का यह मामला जनवरी 2021 में बहादुरगढ़ जंदियां गांव की महिंदर कौर द्वारा दायर शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था।
गौरतलब है कि कंगना सोमवार को मुंबई में पूर्व निर्धारित आधिकारिक कार्यक्रमों का हवाला देते हुए अदालत में पेश नहीं हुईं। बार-बार छूट की इस अपील का शिकायतकर्ता के वकील ने विरोध किया और आरोप लगाया कि आरोपी जानबूझकर अदालती कार्यवाही से बच रही है और गैर-जमानती वारंट जारी करने की मांग की।
छूट की याचिका खारिज करते हुए न्यायालय ने पाया कि पर्याप्त आधार नहीं बनते। आदेश में कहा गया, “हालांकि, इस स्तर पर न्यायालय आरोपी की जमानत रद्द करना या शिकायतकर्ता द्वारा की गई प्रार्थना के अनुसार गैर-जमानती वारंट जारी करना उचित नहीं समझता। इसके बजाय, आरोपी को अपने वकील के माध्यम से अगली सुनवाई की तारीख पर न्यायालय के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया जाता है।”
अदालत ने आगे स्पष्ट किया कि 15 जनवरी को सीआरपीसी की धारा 205 के तहत कंगना द्वारा व्यक्तिगत उपस्थिति से स्थायी छूट मांगने वाले आवेदन पर सुनवाई होगी। आरोपी को अतिरिक्त गवाहों को तलब करने और उनकी जांच करने के लिए शिकायतकर्ता के आवेदन पर जवाब दाखिल करना होगा, जिसके बाद इस पर बहस होगी।
गौरतलब है कि कंगना आखिरी बार पिछले साल 27 अक्टूबर को यहां की कई अदालतों के सामने पेश हुई थीं, जब उन्हें प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने जमानत दे दी थी।

