N1Live General News भिवानी विश्वविद्यालय उन छात्रों को भी रिक्त सीटों को भरने की अनुमति देता है जिन्हें केवल एक बार पुनः परीक्षा देनी हो।
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भिवानी विश्वविद्यालय उन छात्रों को भी रिक्त सीटों को भरने की अनुमति देता है जिन्हें केवल एक बार पुनः परीक्षा देनी हो।

Bhiwani University allows students who need to take a re-examination only once to fill the vacant seats as well.

चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय, भिवानी ने एक विषय में पुनः परीक्षा (कम्पार्टमेंट) देने वाले छात्रों को अपने स्नातकोत्तर (पीजी) और स्नातक (यूजी) कार्यक्रमों में रिक्त सीटों के विरुद्ध प्रवेश लेने की अनुमति देने का निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय ने 28 जुलाई को रिक्त पीजी सीटों के लिए एक खुली काउंसलिंग सत्र की भी घोषणा की है। यदि काउंसलिंग के बाद भी सीटें खाली रहती हैं, तो 10 अगस्त तक खुली काउंसलिंग के माध्यम से प्रवेश प्रक्रिया जारी रहेगी।

अकादमिक मामलों की डीन प्रोफेसर सुनीता भरतवाल और प्रवेश समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर सुरेंद्र कौशिक ने कहा कि विश्वविद्यालय ने अपने प्रवेश नियमों में संशोधन किया है ताकि एक विषय में दोबारा परीक्षा देने वाले छात्रों को रिक्त सीटों के विरुद्ध प्रवेश मिल सके, बशर्ते कि प्रतीक्षा सूची में कोई पात्र आवेदक न हो। उन्होंने कहा कि इस कदम से रिक्त सीटों को भरने की गारंटी मिलने से छात्रों और विश्वविद्यालय विभागों दोनों को लाभ होगा। इससे पहले, केवल स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके उम्मीदवार ही दो वर्षीय स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में प्रवेश के पात्र थे।

विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि खुली काउंसलिंग के लिए आवेदन 28 जुलाई को दोपहर 12 बजे तक स्वीकार किए जाएंगे और प्रवेश सूची उसी दिन जारी की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि छात्रों की बढ़ती मांग को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। हालांकि, प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि जिन उम्मीदवारों को उस विषय में दोबारा परीक्षा देनी है जिसके लिए वे प्रवेश मांग रहे हैं, वे पात्र नहीं होंगे।

इसी प्रकार, एक विषय में पुनः परीक्षा देने वाले छात्र भी विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती कॉलेज में रिक्त स्नातक सीटों पर प्रवेश के पात्र होंगे। स्नातक प्रवेश के लिए खुली काउंसलिंग 30 जुलाई तक जारी रहेगी।प्रोफेसर भरतवाल ने कहा कि इस फैसले से छात्रों को एक शैक्षणिक वर्ष गंवाए बिना अपनी पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी और साथ ही विश्वविद्यालय को नामांकन को अधिकतम करने में भी सहायता मिलेगी।

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