N1Live National भाजपा सांसदों का विपक्ष पर तंज, कहा-‘सदन नियम से चलता है, सड़कों पर आंदोलन से नहीं’
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भाजपा सांसदों का विपक्ष पर तंज, कहा-‘सदन नियम से चलता है, सड़कों पर आंदोलन से नहीं’

BJP MPs take a dig at the opposition, saying, "The House runs according to rules, not through street protests."

दिल्ली में संसद के मॉनसून सत्र के दौरान नीट पेपर लीक मामले को लेकर राजनीतिक हलचल तेज रही। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि राहुल गांधी अभी वही कर रहे हैं जो उन्हें सही लग रहा है। जहां तक नीट के पेपर लीक की बात है, हम इसका किसी भी तरह से समर्थन नहीं करते हैं। सरकार भी इस मुद्दे को लेकर चिंतित है और उसने इसकी पूरी जांच करवाई है।

भाजपा सांसद सतीश पूनिया ने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है, लेकिन इसकी कुछ सीमाएं भी हैं और देश की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने संकेत दिया कि लोकतांत्रिक विरोध अपनी मर्यादाओं के भीतर होना चाहिए।

केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने कहा कि सदन नियम और प्रक्रियाओं के अनुसार चलता है। विपक्ष जब इस पर चर्चा की बात करेगा तब स्पीकर नियम-प्रक्रियाओं को ध्यान में रखकर काम करेंगे। विपक्ष सदन में नोटिस नहीं दे रहा है बल्कि सड़कों पर नोटिस दे रहा है। राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी के आवास के पास धरना दिया था और यह भारत के इतिहास में सबसे अराजकता वाली घटना है।

भाजपा सांसद मनन कुमार मिश्रा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष का उद्देश्य संसद के भीतर चर्चा करना नहीं बल्कि राजनीतिक संदेश देना है। उन्होंने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है लेकिन विपक्ष छात्रों के मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि देश के युवा पूरी स्थिति को समझते हैं और कुछ लोगों द्वारा उन्हें गुमराह करने की कोशिश की जा रही है।

भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस एजेंडा नहीं है और वह केवल सदन की कार्यवाही बाधित करना चाहता है। उनके अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष लगातार नियमों के अनुसार सदन चलाने की बात कह रहे हैं और सभी दलों को संसदीय मर्यादाओं का पालन करना चाहिए।

वहीं भाजपा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा कि सरकार नीट मामले पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि चर्चा कब और किस नियम के तहत होगी, इसका निर्णय स्पीकर करेंगे। संसद नारेबाजी और विरोध-प्रदर्शन से नहीं बल्कि संवाद और चर्चा से चलती है। उन्होंने विश्वास जताया कि सदन में होने वाली चर्चा से छात्रों की चिंताओं का समाधान होगा और मामले से जुड़ी गलतफहमियां भी दूर होंगी।

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