June 26, 2026
National

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को दी श्रद्धांजलि

BJP National President Nitin Naveen paid tribute to Syama Prasad Mukherjee.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने मंगलवार को भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

करोल बाग जिला भाजपा ने कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया। साथ ही, श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन और योगदान पर एक संगोष्ठी भी आयोजित की गई। इस संगोष्ठी को संबोधित करते हुए नितिन नवीन ने मुखर्जी के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया था और बाद में भारतीय जनसंघ की स्थापना की।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि मुखर्जी ने कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बनाए रखने के लिए आंदोलन चलाया और राष्ट्रहित में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। इस कार्यक्रम में दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने भी अपने विचार रखे।

संगोष्ठी का आयोजन जिला भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र बब्बर की अध्यक्षता में हुआ। कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा महासचिव विष्णु मित्तल, उपाध्यक्ष विनय रावत, विधायक हरीश खुराना, उमंग बजाज और पूर्व विधायक अनिल बाजपेयी भी मौजूद रहे। इससे पहले मंगलवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 73वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने ‘एक देश, एक संविधान’ का नारा दिया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर उनके सपने को साकार किया। दिल्ली गेट स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद पहली बार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत भी मुखर्जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

उन्होंने कहा कि आज उस महान व्यक्तित्व को याद करने का दिन है, जिन्होंने जनसंघ के रूप में एक बीज बोया था और आज वही बीज भाजपा के रूप में पूरे देश को छाया प्रदान कर रहा है। श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा है। आज हम ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ काम करते हैं, लेकिन इस विचार की प्रेरणा हमें डॉ. मुखर्जी से ही मिली है। वह ऐसे व्यक्ति थे, जो देशहित के लिए मंत्री पद छोड़ सकते थे और उनके सिद्धांत आज भी हमें प्रेरित करते हैं।

उन्होंने लोगों से श्यामा प्रसाद मुखर्जी के संदेश को आगे बढ़ाने और राष्ट्रहित में कार्य करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

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