कर्नाटक भाजपा की 10 दिन की ‘बेल्लारी चलो’ पदयात्रा अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। यह यात्रा गुरुवार यानी 10 सितंबर को समाप्त होगी। पदयात्रा अब बेल्लारी की ओर बढ़ रही है, जहां इसका समापन और एक विशाल सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। आज का कार्यक्रम राज्य भाजपा अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र के नेतृत्व में निकाली गई साइकिल रैली से शुरू हुआ। इसमें पार्टी के अन्य नेता भी शामिल हुए। पदयात्रा संदूर तालुक के कुडितिनी से शुरू हुई और बुधवार शाम तक बेल्लारी के वाल्मीकि सर्कल पहुंचने का कार्यक्रम है।
विजयेंद्र ने पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि पदयात्रा अपने अंतिम चरण में है, लेकिन भाजपा का राजनीतिक संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने कहा, ”हमारी पदयात्रा अंतिम चरण में पहुंच गई है, लेकिन हमारी लड़ाई जारी रहेगी। यह आंदोलन कर्नाटक की राजनीति की दिशा बदल देगा।”
विजयेंद्र ने कहा कि इस विरोध प्रदर्शन से उत्तर कर्नाटक के लोगों में नई उम्मीद जगी है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के अभियान ने क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को सामने लाने का काम किया है।
कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी के विधायक खुद शिकायत कर रहे हैं कि उन्हें अपने विधानसभा क्षेत्रों के विकास के लिए पर्याप्त धन नहीं मिल रहा है, जबकि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली सरकार को 100 दिन से ज्यादा हो चुके हैं।
उन्होंने आरोप लगाया, ”सत्तारूढ़ दल के विधायकों के बीच भरोसे की कमी है। कांग्रेस के भीतर की गुटबाजी अब संकट का रूप ले चुकी है और मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार अपनी कुर्सी बचाने के लिए मजबूर हैं।”
विजयेंद्र ने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री का हाल ही में बेंगलुरु के आरएमसी यार्ड का दौरा भाजपा के आंदोलन का परिणाम है।
उन्होंने आरोप लगाया कि शिवकुमार पिछले तीन महीनों से बिदादी टाउनशिप परियोजना में ही व्यस्त थे और अब वे गरीबों से जुड़े मुद्दों पर ध्यान दे रहे हैं।
उन्होंने कहा, ”पिछले तीन महीनों से मुख्यमंत्री शिवकुमार बिदादी टाउनशिप परियोजना में व्यस्त थे। दिन-रात उनका ध्यान उसी पर था। अब वे गरीबों के लिए समय निकाल रहे हैं। यह हमारे आंदोलन का असर है।”
विजयेंद्र ने फिर कहा कि ‘बेल्लारी चलो’ आंदोलन का व्यापक राजनीतिक प्रभाव पड़ेगा और भाजपा किसानों, विकास तथा उत्तर कर्नाटक के हितों से जुड़े मुद्दों को उठाती रहेगी।
इस बीच पदयात्रा के समापन और भाजपा सम्मेलन को देखते हुए बेल्लारी में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और प्रतिभागियों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए करीब 1,200 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
भाजपा की ‘बेल्लारी चलो’ पदयात्रा गुरुवार को एक बड़े सम्मेलन के साथ समाप्त होगी। इस सम्मेलन में पार्टी के वरिष्ठ नेता समर्थकों को संबोधित करेंगे और कांग्रेस सरकार के खिलाफ पार्टी की आगे की रणनीति की घोषणा करेंगे।

