कांग्रेस नेता दानिश अली ने सोमनाथ पुनर्निर्माण का विरोध करने वाली ताकतों के सक्रिय होने से जुड़े बयान पर अपनी बातें रखी। कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा का एकमात्र काम लोगों को बांटना है।
कांग्रेस नेता ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि किसी को पूछना चाहिए कि जब सोमनाथ मंदिर का फिर से निर्माण हुआ था, तब संघ, जनसंघ या भाजपा कहां थे। उस समय पंडित जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री थे, सरदार पटेल गृह मंत्री थे, दोनों कांग्रेस के नेता थे और मौलाना आजाद शिक्षा मंत्री थे। उस समय तो इनके संगठन मौजूद भी नहीं थे। फिर भी ऐसे बेबुनियाद बयान दिए जा रहे हैं।
भारत के विश्वगुरु बनने का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि दलितों को रोज मारा जा रहा है, और दलितों के खिलाफ रेप के मामले बढ़ रहे हैं। यहां अल्पसंख्यकों की लिंचिंग हो रही है। इंदिरा गांधी के समय पाकिस्तान से बांग्लादेश को अलग कर दिया गया। आज स्थिति यह है कि वह भी भारत को आंख दिखा रहा है। आपकी विदेश नीति कहां है? अमेरिका के राष्ट्रपति रोज आपका अपमान करते हैं। वह सिर्फ प्रधानमंत्री का नहीं, बल्कि देश के 140 करोड़ लोगों का अपमान कर रहे हैं। आप विश्वगुरु बनने की बात करते हैं। देखिए आप देश को कहां ले आए हैं। जहां तक संघ की बात है, उनकी आदत है अलग-अलग समय पर अलग-अलग बातें करना-सुबह कुछ और, दोपहर में कुछ और, शाम को कुछ और, और सोने से पहले कुछ और। पहले उन्हें अपनी सोच साफ करनी चाहिए-वे असल में क्या चाहते हैं, वे इस देश को कहां ले जाना चाहते हैं, और वे किस तरह का देश बनाना चाहते हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर कांग्रेस नेता ने कहा कि मुझे हैरानी है कि उनकी ओर से इस तरह के बयान सामने आते हैं। राजनीतिक पार्टियों ने भारत की आज़ादी के लिए बहुत कुर्बानियां दीं, उन्हें देश विरोधी ताकतें कहना ठीक नहीं है। यह देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। केरल में, जहां ईसाई और मुस्लिम अल्पसंख्यकों समेत अल्पसंख्यक आबादी का एक बड़ा हिस्सा हैं, उन्हें देशविरोधी ताकतें कहा जा रहा है। बड़ी मुश्किल से बड़े संघर्ष के बाद आजादी मिली थी। इस देश का ताना-बाना बुना गया, ऐसे पद पर बैठकर रोज उसे तोड़ने का काम कर रहे हैं, देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी।

