रामदास क्षेत्र के मेहमाद मंदरावाला गांव की रहने वाली आम आदमी पार्टी (आप) की मौजूदा महिला सरपंच सतबीर कौर के पति कुलजीत सिंह संधू की मौत रहस्य में डूबी हुई है। पूर्व सैनिक संधू पिछले दो दिनों से लापता थे। बुधवार को रावल गांव में उनका शव रहस्यमय परिस्थितियों में मिला।
मृतक के परिवार और परिजनों ने प्रदर्शन किया और उसे ढूंढने में पुलिस की निष्क्रियता के खिलाफ नारे लगाए। उन्हें शक है कि यह हत्या का मामला है। कांग्रेस ने भी पुलिस के कामकाज पर सवाल उठाए हैं।
परिवार के अनुसार, कुलजीत सिंह 21 सितंबर को सुबह लगभग 10:15 बजे फतेहगढ़ चुरियां केंद्र से कुछ प्रमाण पत्र लेने के लिए घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। मृतक के भाई सुबेघ सिंह को संदेह है कि कुलजीत सिंह की हत्या अज्ञात व्यक्तियों ने की है। उन्होंने बताया कि दोपहर के आसपास उनका परिवार से संपर्क हुआ था, जिसके बाद उनका फोन कई घंटों तक चालू रहा, लेकिन कोई संपर्क नहीं हो पाया।
मृतक के एक अन्य रिश्तेदार दलजीत सिंह ने बताया कि कल स्थानीय लोगों ने उस पूरे इलाके की तलाशी ली थी जहां आज शव मिला। उस समय वहां कोई नहीं था। उन्होंने कहा कि अगर शव दो दिन से वहां पड़ा होता तो सड़ना शुरू हो गया होता। अजनाला डीएसपी इंदरजीत सिंह ने बताया कि पुलिस ने मंगलवार को गुमशुदा व्यक्ति का मामला दर्ज किया था और अब एफआईआर में हत्या का आरोप भी जोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण पता चलेगा।
शोक संतप्त परिवार से मिलने आए कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह “सुख” औजला ने पुलिस की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाया और सरपंच की मौत के कारणों की जांच की मांग की। औजला ने आरोप लगाया कि पुलिस समय पर कार्रवाई करने में विफल रही। कुलजीत का फोन लगभग 14 घंटे तक चालू रहा और उसकी लोकेशन कथित तौर पर कमलपुर, पंडोरी और कोट रायजादा सहित विभिन्न क्षेत्रों को दिखा रही थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि मौत के आसपास की परिस्थितियों से साजिश की आशंका पैदा होती है और उन्होंने कहा कि उन्हें संदेह है कि यह हत्या का मामला है।


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