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जयपुर के एसएमएस अस्पताल में बम की धमकी से हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

Bomb threat at SMS Hospital in Jaipur, security agencies on alert

जयपुर के सवाई मान सिंह (एसएमएस) अस्पताल को बुधवार को बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिससे मरीजों, कर्मचारियों और आगंतुकों में दहशत फैल गई। पुलिस टीम, बम निरोधक दस्ते, खोजी कुत्ते और नागरिक सुरक्षा कर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और अस्पताल परिसर में व्यापक तलाशी अभियान चलाया।

अधिकारियों ने बताया कि एसएमएस अस्पताल को बम से उड़ाने की धमकी भरा संदेश मिलने के बाद अस्पताल में दहशत फैल गई, जिसमें 40 करोड़ रुपये की मांग की गई थी। खबरों के मुताबिक, अभय कमांड सेंटर को धमकी भरा संदेश मिला था, जिसमें चेतावनी दी गई थी कि अगर पैसा नहीं दिया गया तो अस्पताल को उड़ा दिया जाएगा।

सूचना मिलते ही पुलिस और कई जांच एजेंसियों ने अस्पताल परिसर में बड़े पैमाने पर सुरक्षा अभियान शुरू कर दिया। पुलिस, दमकल और खोजी दल की टीमें मौके पर पहुंचीं और अस्पताल परिसर में गहन तलाशी अभियान जारी है। सुरक्षाकर्मी सभी संदिग्ध वस्तुओं और क्षेत्रों की गहन जांच कर रहे हैं। अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए अधिकारी धमकी भरे संदेश के स्रोत की जांच की जा रही है। गहन जांच के बाद अधिकारियों को कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।

हालांकि, इस घटना ने राज्यभर में बार-बार होने वाली फर्जी धमकियों से उत्पन्न बढ़ती चुनौती को एक बार फिर उजागर कर दिया है। जयपुर के एसएमएस अस्पताल के अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी ने कहा, “पुलिस नियंत्रण कक्ष में अस्पताल को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। इसके बाद पुलिस और अन्य टीमों ने अस्पताल परिसर की तलाशी ली। हालांकि, कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। पुलिस मामले की जांच कर रही है।”

हाल के महीनों में प्रमुख सार्वजनिक संस्थानों और ऐतिहासिक स्थलों को निशाना बनाकर मिली बम धमकियों की एक श्रृंखला के कारण राजस्थान के अधिकारी हाईअलर्ट पर हैं। इससे पहले, राजस्थान विधानसभा, राजस्थान उच्च न्यायालय, स्कूलों, हवाई अड्डों और न्यायालय-कलेक्टर परिसरों को भी इसी तरह की धमकियां मिल चुकी हैं।

हालांकि पिछले मामलों की जांच में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली, फिर भी अधिकारी मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार हर खतरे को अत्यंत गंभीरता से ले रहे हैं। जयपुर में राज्य में बम की धमकी की सबसे अधिक घटनाएं दर्ज की गई हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2024 में राजधानी में ऐसे 20 से अधिक मामले दर्ज किए गए, जबकि 2025 में यह संख्या बढ़कर 34 हो गई। जोधपुर में दूसरे सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए, जहां 2024 में 10 और 2025 में 9 मामले सामने आए। कोटा, अजमेर, उदयपुर, अलवर और श्री गंगानगर सहित अन्य शहरों में भी इस तरह की धमकियों में तेजी से वृद्धि देखी गई है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, राजस्थान में इस साल जनवरी से अब तक बम से उड़ाने की लगभग 40 धमकियों की सूचना मिली है। तुलनात्मक रूप से राज्य में 2024 में लगभग 40 और 2025 में 55 मामले दर्ज किए गए थे।

जांचकर्ताओं ने पाया कि स्कूल, हवाई अड्डे और न्यायालय-संग्रहालय परिसर इन धमकियों के प्राइमरी टारगेट बनकर उभरे हैं। अधिकारियों ने स्वीकार किया कि ईमेल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भेजी गई धमकियों ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी और साइबर जांच चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।

कई जांचों के बावजूद अधिकारी अब तक धमकियां जारी करने वालों की पहचान करने या उन्हें गिरफ्तार करने में विफल रहे हैं। अधिकांश चेतावनियां आखिर में झूठी साबित होती हैं, लेकिन एजेंसियों को जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक घटना पर व्यापक सुरक्षा उपायों के साथ प्रतिक्रिया देने के लिए बाध्य होना पड़ता है।

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