N1Live National कांग्रेस सरकार के ‘1,000 दिन विश्वासघात’ को उजागर करने के लिए बीआरएस चलाएगी सप्ताहभर का अभियान
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कांग्रेस सरकार के ‘1,000 दिन विश्वासघात’ को उजागर करने के लिए बीआरएस चलाएगी सप्ताहभर का अभियान

BRS to launch a week-long campaign to expose the Congress government's '1,000 days of betrayal'.

भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने रविवार को घोषणा की कि वह तेलंगाना में 2 सितंबर से सप्ताहभर का राज्यव्यापी अभियान चलाएगी। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में 1,000 दिन पूरे होने पर वह जनता के साथ किए गए कथित “विश्वासघात” और अधूरे वादों को उजागर करेगी।

बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव (केटीआर) ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से अभियान को गांव-गांव और हर वर्ग तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने चुनाव के दौरान 420 वादे, 13 घोषणाएं और छह गारंटी दी थीं और इन्हें 100 दिनों के भीतर लागू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन 1,000 दिन बाद भी कोई वादा पूरी तरह पूरा नहीं हुआ।

केटीआर ने कहा कि कांग्रेस सरकार की कथित प्रशासनिक विफलताओं, भ्रष्टाचार और कुशासन से तेलंगाना की जनता नाराज है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से लोगों को सरकार की नीतियों, प्रशासनिक कमियों और कथित अनियमितताओं के बारे में जागरूक करने को कहा।

उन्होंने बताया कि अभियान केवल चुनावी वादों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकार बनने के बाद विभिन्न वर्गों को हो रही समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। इसके तहत बीआरएस “बाकी कार्ड” अभियान चलाएगी, जिसमें विभिन्न योजनाओं के तहत लंबित वित्तीय सहायता और बकाया भुगतान की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाएगी।

केटीआर ने आरोप लगाया कि कृषि मजदूरों, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, छात्रों और युवाओं को वादा की गई मासिक वित्तीय सहायता अब तक नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि किसानों से लेकर महिलाओं तक सभी वर्गों को कांग्रेस सरकार ने निराश किया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने 12,000 करोड़ रुपये से अधिक की फीस प्रतिपूर्ति (फी रिइम्बर्समेंट) की बकाया राशि जारी नहीं की है। इस मुद्दे को कॉलेजों और छात्रों के बीच व्यापक रूप से उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

केटीआर ने कहा कि युवाओं को रोजगार देने का वादा भी सरकार पूरा नहीं कर सकी। उन्होंने ऑटो चालकों, महिलाओं, किसानों, आदिवासियों, दलितों, पिछड़ा वर्ग, सरकारी कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों समेत सभी वर्गों के लिए अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ग की समस्याओं के अनुरूप अभियान तैयार किया जाएगा और सोशल मीडिया के जरिए भी युवाओं तक कांग्रेस सरकार की कथित विफलताओं को पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

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