October 28, 2026
National

दिल्ली के सीमापुरी में इमारत गिरी, कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका

बुधवार को उत्तरी दिल्ली के सीमापुरी इलाके में एक बहुमंजिला इमारत का एक हिस्सा गिर गया, जिससे कई लोगों के मलबे के नीचे दबने की आशंका है। दिल्ली अग्निशमन सेवा ने घटनास्थल पर दो दमकल वाहन भेजे हैं। दिल्ली यातायात पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि सीमापुरी में एक बहुमंजिला इमारत गिर गई है और बचाव दल घटनास्थल पर काम कर रहे हैं।

पुलिस ने बताया कि सीमापुरी गोल चक्कर, डीएलएफ भोपुरा और आसपास की सड़कों पर यातायात प्रभावित है। पुलिस ने आगे कहा कि हर खाली लेन से एम्बुलेंस और बचाव वाहन को तेजी से आगे बढ़ने का रास्ता मिलता है। कृपया संभव हो तो इस क्षेत्र से बचें। घटनास्थल के पास न रुकें, न ही वाहन पार्क करें और न ही इकट्ठा हों, और यातायात कर्मियों के निर्देशों का पालन करें।

यह घटना राष्ट्रीय राजधानी के सत्य निकेतन इलाके में एक महीने पहले एक बहुमंजिला इमारत के गिरने के बाद हुई है, जिसमें एक पेइंग गेस्ट आवास था और जिसमें पांच छात्रों सहित सात लोगों की जान चली गई थी। इस त्रासदी के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने देश भर के अधिकारियों को अनधिकृत निर्माणों पर अपने पहले के निर्देशों का अनुपालन करने के लिए उठाए गए कदमों पर हलफनामे दाखिल करने का निर्देश दिया था।

न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और आर. महादेवन की पीठ ने एमिकस क्यूरी अजीत कुमार सिन्हा के सुझाव को स्वीकार करते हुए अधिकारियों को सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष अपने पूर्व आदेशों के अनुसार की गई कार्रवाई पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

न्यायमूर्ति अमानुल्लाह की अध्यक्षता वाली पीठ को सूचित किया गया कि दिल्ली हाई कोर्ट ने सत्य निकेतन घटना से संबंधित एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई करते हुए 7 सितंबर को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था और मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर को निर्धारित की थी।

एमिकस क्यूरी ने निवेदन किया कि हाई कोर्ट की कार्यवाही जारी रह सकती है, जबकि अधिकारियों को भी वर्तमान कार्यवाही में उठाए गए मुद्दों को शामिल करते हुए सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी चाहिए। एमिकस क्यूरी ने आगे बताया कि दिल्ली और लखनऊ में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्देशों के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों (दिल्ली में लाजपत नगर, मालवीय नगर, साकेत और सरोजिनी नगर तथा लखनऊ में अलीगंज) में पहले ही निरीक्षण किए जा चुके हैं।

सुप्रीम कोर्ट को यह भी बताया गया कि सत्य निकेतन के पतन से जुड़े मुद्दे मौजूदा कार्यवाही में अधिकारियों द्वारा की जा रही कार्रवाई और प्रस्तुत की जाने वाली रिपोर्टों में पहले ही शामिल किए जा चुके हैं। सुझाव स्वीकार करते हुए बेंच ने कहा कि वह फिलहाल हाई कोर्ट में चल रहे मामले की स्थिति में कोई बदलाव नहीं करेगी, और मामला जारी रहेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाई कोर्ट से अनुरोध है कि वह समय-समय पर (जनहित याचिका) मामले की निगरानी करे।

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