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प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से बुरहानपुर के कारीगरों को मिला आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण

Burhanpur artisans receive training in modern technology under the Pradhan Mantri Vishwakarma Yojana.

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। लालबाग हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य कारीगरों को आधुनिक तकनीक, डिजिटल कारोबार और स्वरोजगार के नए अवसरों से जोड़ना था। कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में योजना के लाभार्थियों और स्थानीय कारीगरों ने भाग लिया। उन्हें प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं जैसे बैंक ऋण, टूलकिट, कौशल प्रशिक्षण, डिजिटल भुगतान और स्वरोजगार से जुड़ी विभिन्न जानकारियां दी गईं। कई लाभार्थियों को इस दौरान टूलकिट और ऋण स्वीकृति का लाभ भी मिला।

कार्यक्रम की खास बात यह रही कि विशेषज्ञों ने कारीगरों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग के बारे में प्रशिक्षण दिया। उन्हें बताया गया कि एआई की मदद से उत्पादों की डिजाइन, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और डिजिटल मार्केटिंग को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है। इसके अलावा ई-कॉमर्स, उद्यमिता, निर्यात, वित्तीय सहायता और केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की भी जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में मौजूद मैनेजिंग डायरेक्टर विनोद ने बताया, “प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। बुरहानपुर प्रशिक्षण केंद्र में अब तक 3,200 से अधिक लोगों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। केंद्र को 3,300 लोगों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य मिला था, जिसमें से 3,207 लाभार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।”

उन्होंने दावा किया कि यह केंद्र पूरे मध्य प्रदेश में पहले स्थान पर है और लगभग सभी लक्ष्य पूरे कर लिए गए हैं।

योजना से लाभान्वित महिलाओं ने भी अपने अनुभव साझा किए। लाभार्थी ज्योति ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत आवेदन किया था। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें आर्थिक सहायता भी मिली और बाद में एक लाख रुपए का ऋण स्वीकृत हुआ। उन्होंने कहा कि इस सहायता से अब वह अपने काम को आगे बढ़ाने और व्यवसाय का विस्तार करने में सक्षम हो रही हैं।

एक अन्य लाभार्थी सीमा चौधरी ने बताया कि योजना के तहत उन्हें प्रशिक्षण के साथ आवश्यक मार्गदर्शन भी मिला। उन्होंने कहा कि इस योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि सरकार की इस पहल से पारंपरिक कारीगरों को नई पहचान और आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है।

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