8 मई । बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की शिक्षक भर्ती परीक्षा टीआरई 4.0 के विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर शुक्रवार को पटना में अभ्यर्थियों का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला।
हजारों की संख्या में शिक्षक अभ्यर्थी सड़कों पर उतर आए और सरकार तथा बीपीएससी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हालात ऐसे बने कि पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा।
पटना कॉलेज परिसर से शुरू हुआ यह प्रदर्शन धीरे-धीरे बड़े आंदोलन में बदल गया। करीब 10 हजार अभ्यर्थी डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़ने लगे, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई और कई इलाकों में लंबा जाम लग गया।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की मुख्य मांग थी कि बीपीएससी जल्द से जल्द टीआरई 4.0 का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी करे। अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया को लेकर केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन अब तक विज्ञापन जारी नहीं हुआ है।
छात्र नेता दिलीप कुमार ने आईएएनएस से कहा कि पिछले दो वर्षों से शिक्षक अभ्यर्थियों को लगातार गुमराह किया जा रहा है और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने बताया कि बीपीएससी ने पहले कहा था कि 19-20 अप्रैल को विज्ञापन जारी होगा और 26 अप्रैल 2026 से आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। इससे पहले भी कहा गया था कि विभाग से रिक्विजिशन मिल चुका है, लेकिन अब तक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया। इसी वजह से अभ्यर्थियों को फिर सड़क पर उतरना पड़ा।
वहीं टीआरई 4.0 की अभ्यर्थी काजल सिंह ने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार को बिहार के अभ्यर्थियों की कोई चिंता नहीं है। टीआरई 4.0 के नाम पर लगातार देरी की जा रही है। सरकारें बदल रही हैं, लेकिन नोटिफिकेशन जारी नहीं हो रहा।
काजल सिंह ने कहा कि महिला अभ्यर्थियों की समस्याओं को भी नजरअंदाज किया जा रहा है और उनकी मांगों को कोई सुनने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी सिर्फ एक मांग है कि टीआरई 4.0 का नोटिफिकेशन जारी किया जाए और परीक्षा कराई जाए, ताकि अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर मिल सके।
बताया जा रहा है कि टीआरई 4.0 के तहत 46 हजार से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती होनी है, लेकिन विज्ञापन में लगातार हो रही देरी से अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी है।

