केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इंटरपोल चैनलों के माध्यम से आदित्य जैन की यूएई से भारत वापसी सफलतापूर्वक सुनिश्चित की। आदित्य जैन एक अंतर्राष्ट्रीय अपराध सिंडिकेट का सहयोगी है और कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित था।
सीबीआई की अंतर्राष्ट्रीय पुलिस सहयोग इकाई ने एनसीबी-आबू धाबी और राजस्थान पुलिस के साथ मिलकर आदित्य जैन की भारत वापसी की प्रक्रिया को अंजाम दिया। शुक्रवार को राजस्थान पुलिस की एक टीम आदित्य जैन को यूएई से भारत ले आई। जयपुर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर टीम वांछित आरोपी के साथ पहुंची। सीबीआई ने इंटरपोल के माध्यम से लगातार आदित्य जैन का पीछा करते हुए उसे यूएई में ट्रैक किया था।
आदित्य जैन को राजस्थान पुलिस ने कई आपराधिक मामलों में वांछित घोषित किया है, जिनमें से एक मामला अपराध संख्या 401/2024 है, जो कुचामन सिटी पुलिस थाने, डीडवाना जिला, राजस्थान में दर्ज किया गया था। आरोप है कि जैन और उसके गिरोह ने व्हाट्सएप/सिग्नल वीओआईपी कॉल के माध्यम से समृद्ध व्यवसायियों से फिरौती की मांग की। जब फिरौती की राशि नहीं दी जाती थी, तो गिरोह के सदस्य गोलियां चला कर उन व्यक्तियों और उनके परिवारों को धमकाते थे।
राजस्थान पुलिस की मांग पर सीबीआई ने 18 फरवरी को इंटरपोल के माध्यम से इस मामले में रेड नोटिस प्रकाशित किया था। इंटरपोल द्वारा जारी रेड नोटिस दुनियाभर में सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को वांछित अपराधियों को ट्रैक करने के लिए भेजा जाता है।
सीबीआई, जो भारत में इंटरपोल के लिए राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो (एनसीबी) के रूप में कार्य करता है, भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ भारतपोल के माध्यम से इंटरपोल चैनलों के जरिए सहायता प्राप्त करने में समन्वय करता है। पिछले कुछ वर्षों में, इंटरपोल चैनलों के माध्यम से 100 से अधिक वांछित अपराधियों को भारत वापस लाया गया है।