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सीसीटीवी, 33 डिग्री गर्मी में हुडी वाला संदिग्ध और 2,004 फोन कॉल, एक-एक कड़ी जोड़ पुलिस ने सुलझाया केतन हत्याकांड

CCTV footage, a suspect in a hoodie amidst 33-degree heat, and 2,004 phone calls—by piecing together every clue, the police solved the Ketan murder case.

24 जून । पुणे पुलिस ने केतन हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। अधिकारियों ने बताया कि सीसीटीवी से मिले सुराग सबसे अहम थे, जिसमें मुश्किल ट्रेक के दौरान 33 डिग्री के तापमान में हुडी पहने दिखे संदिग्ध तक पहुंचने में मदद मिल सकी। इसके बाद चेतन बाबूलाल चौधरी और सिया गोयल के बीच हुई 2,004 फोन कॉल ने इस हत्याकांड की सबसे अहम कड़ी को जोड़ दिया।

केतन अग्रवाल की मौत की खबर सबसे पहले 18 जून को पुणे के पास ऐतिहासिक लोहागढ़ किले में ट्रेकिंग के दौरान गलती से गिरने से हुई मौत के तौर पर आई थी, लेकिन पुलिस इस मामले की तह तक गई तो एक-एक कड़ी हर कड़ी जुड़ती गई, जिसके बाद पता चला कि यह घटना हत्या की एक खौफनाक साजिश थी।

एनडीटीवी के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में केतन अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ चलते हुए दिख रहे थे, जबकि शॉर्ट्स और हुडी पहने एक व्यक्ति उनसे लगभग 20 से 30 फीट की दूरी पर उनके पीछे चल रहा था। उस व्यक्ति ने हुड से अपना चेहरा ढका हुआ था और हेडसेट भी पहना हुआ था।

एक और सीसीटीवी फुटेज ने पुलिस का शक और गहरा कर दिया। इस फुटेज में सिया अचानक पीछे मुड़कर हुडी पहने व्यक्ति की ओर देखती हुई दिखाई दी। लगभग उसी पल, वह व्यक्ति नीचे बैठ गया, जैसे वह खुद पर ध्यान आकर्षित करने से बचने की कोशिश कर रहा हो।

गर्मी के मौसम में हुडी पहनना पुलिस को केस के और नजदीक ले गया। पुलिस ने देखा कि उस समय इलाके में तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस था। इतनी तेज गर्मी में ट्रेक के दौरान हुडी पहनने का फैसला बहुत अजीब लगा और अधिकारियों ने उस व्यक्ति की पहचान की बारीकी से जांच करने का फैसला किया।

अधिकारियों के अनुसार, तकनीकी सबूतों और डिजिटल विश्लेषण से जल्द ही सिया और हुडी पहने व्यक्ति के बीच गहरा संबंध का खुलासा हुआ। उस व्यक्ति की पहचान 22 वर्षीय चेतन बाबूलाल चौधरी के रूप में हुई। जांच टीम ने चेतन के सोशल मीडिया प्रोफाइल की तस्वीरों की तुलना सीसीटीवी फुटेज की तस्वीरों से की और उनमें काफी समानताएं पाईं।

केतन की मौत के बाद सिया के व्यवहार पर भी पुलिस को शक हुआ। रिपोर्ट के अनुसार, जांच टीम ने देखा कि घटना के बाद सिया ने केतन की मौत पर ज्यादा दुख नहीं थी, जिससे दुर्घटना वाली थ्योरी पर शक और बढ़ गया। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, केतन के चाचा ने पुलिस को बताया कि सिया ने पहले शादी को लेकर हिचकिचाहट जताई थी। उन्होंने बताया कि उसने एक बार पूछा था कि क्या शादी को एक साल के लिए टाला जा सकता है।

इसके बाद, पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड की और जांच करने पर सिया व चेतन के बीच काफी बातचीत का पता चला। पुलिस की जांच में सामने आया कि दोनों ने पिछले सात महीनों में 2,004 फोन कॉल किए थे और लगभग 238 घंटे एक-दूसरे से बात की थी।

महाराष्ट्र के एक बड़े बिजनेसमैन के बेटे केतन की सगाई फरवरी में सिया से हुई थी। उनके परिवार नवंबर में होने वाली एक शानदार शादी की तैयारी कर रहे थे, जिसमें प्राइवेट जेट और महल जैसे वेन्यू शामिल होने की बात कही जा रही थी। हालांकि, जांच टीम का दावा है कि जब ये तैयारियां चल रही थीं, तब सिया पहले से ही चेतन के संपर्क में थी। वे दोनों 2025 में एक बिजनेस इवेंट में मिले थे। सिया बेकरी का बिजनेस करती थी, जबकि चेतन ड्राई फ्रूट्स के व्यापार से जुड़ा था।

पुलिस के मुताबिक, चेतन, केतन को सिया के साथ अपने रिश्ते में एक रुकावट मानता था। इसके बाद दोनों ने मिलकर उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। आरोप है कि सिया ने केतन को आम घूमने-फिरने के बहाने लोहागढ़ किले में बुलाया। चेतन को बाद में उस जगह बुलाया गया और दोनों ने मिलकर केतन को पीछे से एक गहरी खाई में धकेल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

जांच में केतन को नुकसान पहुंचाने की पहले की कोशिशों का भी पता चला। हत्या से कुछ दिन पहले केतन और सिया ने बाली में प्री-वेडिंग फोटोशूट ट्रिप की योजना बनाई थी। हालांकि, मुंबई एयरपोर्ट पर केतन का पासपोर्ट गायब मिलने के बाद ट्रिप रद्द कर दी गई। बाद में उसके पिता ने आरोप लगाया कि सिया ने जानबूझकर यात्रा को खराब करने के लिए वह डॉक्यूमेंट छिपा दिया था।

जांच टीम का यह भी दावा है कि सिया ने 14 जून को लोहागढ़ किले में केतन की जान लेने की एक और कोशिश की थी। पुलिस के मुताबिक, उसने उसे एक चट्टान के किनारे धकेलने की कोशिश की, लेकिन वह एक झाड़ी पकड़कर खुद को बचाने में कामयाब रहा। शक से बचने के लिए सिया ने सांप दिखने की बात कहकर चिल्लाया और फिर उसे गले लगा लिया, जिससे ऐसा लगा कि वह उसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित है।

पुलिस का कहना है कि जब वह कोशिश नाकाम रही, तो सिया और चेतन ने 18 जून को अपनी योजना को आगे बढ़ाया। जांच टीम को ‘प्लान-सी’ का भी जिक्र मिला, जिसे दोनों ने तब अंजाम देने की योजना बनाई थी अगर उनकी पिछली कोशिशें सफल नहीं होतीं।

फिलहाल, सिया गोयल और चेतन चौधरी दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन पर हत्या और आपराधिक साजिश का आरोप लगाया गया है। उन्हें सात दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है और टीम मामले की जांच जारी रखे हुए है।

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